Iran crisis: इजरायल और अमेरिका द्वारा तेहरान के बुशहर परमाणु केंद्र पर लगातार चौथी बार हमले के बाद अब ईरान का रुख और ज्यादा आक्रामक हो गया है। पहली बार ईरान ने सीधे तौर पर परमाणु खतरे की चेतावनी देते हुए कहा है कि इन हमलों का असर केवल तेहरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि खाड़ी देशों में भी तबाही मच सकती है।
खाड़ी देशों पर मंडराया खतरा
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर साफ कहा कि अगर बुशहर प्लांट से रेडियोएक्टिव फॉलआउट (विकिरण का प्रसार) होता है, तो इसका सबसे ज्यादा असर सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कुवैत, बहरीन, कतर और ओमान जैसे देशों पर पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि इससे इन देशों की राजधानियों में जीवन पूरी तरह खत्म हो सकता है।
Iran crisis: हमलों के पीछे बढ़ता तनाव
अराघची ने यह भी बताया कि इजरायल और अमेरिका अब तक चार बार बुशहर परमाणु संयंत्र पर बमबारी कर चुके हैं। उनका कहना है कि हाल ही में ईरान द्वारा अमेरिकी सैन्य ताकत को नुकसान पहुंचाने के बाद यह हमला और तेज किया गया है। ईरान के मुताबिक उसने अमेरिका के कई फाइटर जेट, ड्रोन और मिसाइल सिस्टम को मार गिराया, जिससे दोनों देशों में तनाव और बढ़ गया।
Iran crisis: पश्चिमी देशों पर उठाए सवाल
ईरान ने इस पूरे मुद्दे पर पश्चिमी देशों को भी घेरा। अराघची ने कहा कि जब यूक्रेन के ज़ापोरिज्जिया न्यूक्लियर प्लांट के पास खतरा पैदा हुआ था, तब पश्चिमी देशों ने कड़ा विरोध जताया था, लेकिन अब वही देश बुशहर पर हमलों को नजरअंदाज कर रहे हैं।
स्थायी समाधान की मांग
Iran crisis: उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पर यह युद्ध थोपा गया है और अब वह इसका स्थायी और सशर्त समाधान चाहता है। उनके मुताबिक अस्थायी समाधान से कोई फायदा नहीं होगा।
ये भी पढ़े: मेड बनकर आई महिला ने बुजुर्ग को बेहोश कर की लाखों की चोरी, ग्रेटर नोएडा सोसायटी में सनसनी








