Iran crisis: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। शुक्रवार को ईरान ने दावा किया कि उसने अमेरिका का अत्याधुनिक F-15E लड़ाकू विमान मार गिराया है। दक्षिणी ईरान में हुए इस हमले के बाद विमान का मलबा भी सामने आया है। करीब 36 दिनों से चल रहे इस संघर्ष में पहली बार अमेरिका ने भी माना है कि उसका एक विमान ईरानी हमले में तबाह हुआ है। इस हमले के बाद से विमान का पायलट लापता है, जिसकी तलाश में दोनों देशों की सेनाएं जुटी हुई हैं।
पायलट की तलाश में जुटे दोनों देश
अमेरिकी सेना ने अपने लापता पायलट को ढूंढने के लिए कई हेलीकॉप्टर भेजे, लेकिन ईरान ने इन पर भी हमला कर दिया। वहीं दूसरी तरफ ईरान भी पायलट को खोजने में लगा हुआ है। अभी तक पायलट का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।
Iran crisis: ईरान ने रखा लाखों का इनाम
ईरान ने लापता अमेरिकी पायलट की जानकारी देने वालों के लिए इनाम का ऐलान किया है। सरकारी मीडिया के मुताबिक, करीब £50,000 (लगभग 61 लाख रुपये) का इनाम रखा गया है। यह घोषणा ईरान के टीवी चैनलों के जरिए की गई, जिससे यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है।
Iran crisis: ट्रंप के लिए बन सकता है बड़ा संकट
अगर ईरान इस पायलट को पकड़ लेता है, तो यह अमेरिका के लिए बड़ी कूटनीतिक परेशानी बन सकती है। खासतौर पर Donald Trump के लिए यह स्थिति बेहद असहज हो सकती है। ऐसे हालात में अमेरिका पर पायलट को सुरक्षित वापस लाने का भारी दबाव होगा, जबकि ईरान इसे अपने प्रचार के तौर पर इस्तेमाल कर सकता है।
1979 जैसा बन सकता है माहौल
इस घटना की तुलना 1979 के उस बड़े संकट से भी की जा रही है, जब तेहरान में अमेरिकी दूतावास पर कब्जा कर 52 अमेरिकियों को 444 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया था। Iran Hostage Crisis की तरह अगर यह मामला बढ़ता है, तो दोनों देशों के बीच तनाव और गहरा सकता है।
अमेरिका में भी बढ़ी चिंता
Iran crisis: इस बीच अमेरिका में भी लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है। एक महिला, जिसने खुद को फाइटर पायलट की मां बताया, ने सोशल मीडिया पर लिखा कि उसे अपने बेटे या उसकी यूनिट से कोई खबर नहीं मिली है। इस पोस्ट के सामने आने के बाद लोगों में पायलट की सुरक्षित वापसी को लेकर भावनात्मक माहौल बन गया है।
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