Iran War: मिडिल ईस्ट में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव और हालिया सीजफायर वार्ता के बीच भारत के बाराबंकी जिले के किंतूर गांव से एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया सामने आई है। आयतुल्लाह अली खामेनेई के वंशज डॉ. रेहान काजमी ने मौजूदा हालात पर तीखी टिप्पणी करते हुए अमेरिका और पाकिस्तान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके बयान ने वैश्विक राजनीति को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
अमेरिका को बताया ‘नाकाम’, ईरान को मजबूत
डॉ. रेहान काजमी ने दावा किया कि हालिया सीजफायर अमेरिका की मजबूरी का परिणाम है। उनके अनुसार, अमेरिका ईरान में सत्ता परिवर्तन और संसाधनों पर नियंत्रण चाहता था, लेकिन वह अपने किसी भी उद्देश्य में सफल नहीं हो सका। काजमी ने कहा कि ईरान ने अपनी शर्तों पर अमेरिका को झुकाया है और गाजा, फिलिस्तीन व लेबनान जैसे मुद्दों पर उसकी मांगों को स्वीकार कराया है। उन्होंने ईरान को उभरती हुई ‘सुपर पावर’ बताया।
Iran War: पाकिस्तान पर तीखा हमला
काजमी ने पाकिस्तान को अमेरिका का ‘गुलाम देश’ बताते हुए आरोप लगाया कि वह अपनी स्वतंत्र नीति नहीं रखता। उनके अनुसार, पाकिस्तान इस पूरे मामले में अमेरिका के इशारे पर मध्यस्थता कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका सीधे ईरान से बातचीत करने से बच रहा है, क्योंकि इससे उसकी अंतरराष्ट्रीय छवि को नुकसान हो सकता था।
सीजफायर वार्ता पर दुनिया की नजर
बताया जा रहा है कि इस्लामाबाद में सीजफायर को लेकर अहम वार्ता चल रही है, जिसमें ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधि शामिल हैं। इस वार्ता के नतीजों पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है, क्योंकि मिडिल ईस्ट में जारी तनाव का असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह वार्ता आने वाले समय में क्षेत्रीय स्थिरता के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।
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