Home » राष्ट्रीय » जामिया विवाद: इमरान मसूद और प्रतापगढ़ी पर क्यों दर्ज हुई FIR? जानिए पूरा घटनाक्रम

जामिया विवाद: इमरान मसूद और प्रतापगढ़ी पर क्यों दर्ज हुई FIR? जानिए पूरा घटनाक्रम

Jamia Protest: जामिया: इमरान मसूद और प्रतापगढ़ी पर क्यों दर्ज हुई FIR?

Jamia Protest: दिल्ली की जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर चल रहा प्रदर्शन विवाद में बदल गया है। इस मामले में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की खबर सामने आई है। विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। पूरा विवाद छात्रसंघ चुनाव, छात्रों के प्रदर्शन और सांसदों के विश्वविद्यालय पहुंचने से जुड़ा है।

छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग

जामिया विश्वविद्यालय में छात्र लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग कर रहे हैं। विश्वविद्यालय में वर्ष 2006 के बाद से छात्रसंघ चुनाव नहीं हुए हैं। प्रदर्शनकारी छात्र चुनाव कराने के साथ-साथ कुछ अनुशासनात्मक कार्रवाइयों की समीक्षा की मांग भी कर रहे हैं। इस मांग को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन और भूख हड़ताल का सहारा लिया।

Jamia Protest: छात्रों से मिलने विश्वविद्यालय पहुंचे कांग्रेस सांसद

विवाद के बीच कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी छात्रों से मिलने विश्वविद्यालय पहुंचे। इस दौरान विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश को लेकर विवाद सामने आया। प्रशासन का आरोप है कि सांसदों ने निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना परिसर में प्रवेश किया। हालांकि, इन आरोपों और घटनाक्रम से जुड़े सभी तथ्यों का अंतिम निर्धारण जांच के बाद ही हो सकेगा।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस से की शिकायत

जामिया प्रशासन की ओर से दिल्ली पुलिस को शिकायत दी गई। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार मोहम्मद महताब आलम रिजवी ने आरोप लगाया कि सांसदों के परिसर में पहुंचने से स्थिति बिगड़ी। शिकायत में प्रवेश के तरीके और परिसर में हुए घटनाक्रम को लेकर आपत्तियां उठाई गईं। प्रशासन की शिकायत के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया।

Jamia Protest: इमरान मसूद और इमरान प्रतापगढ़ी पर FIR

मामले में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ एफआईआर दर्ज किए जाने की खबर सामने आई। अब इस प्रकरण में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच के दौरान शिकायत में लगाए गए आरोपों, परिसर में हुई घटनाओं और संबंधित पक्षों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। एफआईआर दर्ज होने का अर्थ आरोप साबित होना नहीं है।

प्रदर्शन के बीच ऑनलाइन हुईं कक्षाएं

विश्वविद्यालय में प्रदर्शन और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच प्रशासन ने 24 अक्टूबर से अगले आदेश तक कक्षाएं ऑनलाइन संचालित करने का फैसला किया। प्रशासन की ओर से छात्रसंघ के संविधान का मसौदा तैयार करने के लिए समिति बनाने की बात भी सामने आई है। इसमें छात्रों के प्रतिनिधियों को शामिल करने की बात कही गई। छात्रसंघ चुनाव की तारीखों को लेकर आगे की प्रक्रिया मसौदे पर होने वाली कार्रवाई से जुड़ी है। फिलहाल, छात्रों की चुनाव बहाल करने की मांग और प्रशासन की शिकायत के कारण जामिया का विवाद चर्चा में बना हुआ है।

 

ये भी पढ़ें…शरद पूर्णिमा की खीर सुबह कितने बजे उठाएं? जानें खाने का सही तरीका