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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन बंद होने से छोटे कारोबारियों की बढ़ी मुश्किलें, जानिए क्या है वजह

Jantar Mantar Protest:

Jantar Mantar Protest: दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों के लिए पाबंदियां लगाए जाने का असर अब आसपास के छोटे कारोबारियों पर भी दिखाई देने लगा है। प्रदर्शनकारियों की आवाजाही कम होने, सुरक्षा व्यवस्था सख्त होने और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहने से दुकानदारों की कमाई प्रभावित हो रही है। उनका कहना है कि यहां होने वाले विरोध प्रदर्शनों से खाने-पीने की दुकानों और पान की गुमटियों का कारोबार चलता था। ऐसे में प्रदर्शन स्थल बदलने के फैसले से उन्हें आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है।

Jantar Mantar Protest: जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति खत्म, दूसरे मैदानों में होंगे विरोध प्रदर्शन-

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने सोमवार को जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शनों के लिए निर्धारित स्थलों की सूची से हटा दिया। इसके स्थान पर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी मैदान को प्रदर्शन स्थल घोषित किया गया है। इस फैसले के बाद जंतर-मंतर के आसपास कारोबार करने वाले दुकानदारों को आशंका है कि ग्राहकों की संख्या में गिरावट लंबे समय तक जारी रह सकती है।

Jantar Mantar Protest: प्रदर्शनकारियों से बढ़ती थी दुकानदारों की कमाई-

पीटीआई के अनुसार, जंतर-मंतर के पास पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से छोले-भटूरे, राजमा-चावल, मटर-कुलचा और पुलाव बेचने वाले विजय गुप्ता का कहना है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान उनकी दुकान पर ग्राहकों की संख्या बढ़ जाती थी। अब उन्हें एक महीने में कारोबार 40 प्रतिशत तक प्रभावित होने का डर है। दरअसल, प्रदर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोगों के जुटने से इलाके में लगातार आवाजाही बनी रहती थी। प्रदर्शनकारी खाने-पीने की चीजें खरीदते थे, जिससे आसपास की दुकानों को भी फायदा मिलता था। लेकिन अब प्रदर्शनकारियों की गैरमौजूदगी के कारण दुकानदारों को अपनी रोजाना की कमाई घटने की चिंता सता रही है।

प्रदर्शन स्थल के बाहर खाने-पीने की दुकानें भी बंद-

विजय गुप्ता के मुताबिक, मौजूदा स्थिति में प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ दफ्तर जाने वाले लोगों की आवाजाही भी कम हुई है। उन्होंने बताया कि अपने इतने वर्षों के अनुभव में पहली बार प्रदर्शन स्थल के ठीक बाहर खाने-पीने की कई दुकानें बंद देखी हैं। दुकानदारों का कहना है कि जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शनों से केवल प्रदर्शनकारियों को ही नहीं, बल्कि आसपास के छोटे कारोबारियों को भी रोजगार और कमाई का अवसर मिलता था। ऐसे में प्रदर्शन स्थल बदलने से उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है।

26 साल से दुकान चला रहे कारोबारी भी परेशान-

जंतर-मंतर के आसपास पिछले 26 वर्षों से पान की दुकान चला रहे अजय कुमार भी मौजूदा हालात से परेशान हैं। उनका कहना है कि प्रदर्शन स्थल में बदलाव का असर कारोबार के साथ-साथ इलाके में लोगों की आवाजाही पर भी पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि कम से कम सड़क और मेट्रो स्टेशन को खोल दिया जाना चाहिए, ताकि दफ्तर जाने वाले लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो। अजय कुमार के मुताबिक, यह सड़क सामान्य दिनों में काफी व्यस्त रहती है, लेकिन मौजूदा हालात में आसपास लोगों की संख्या बेहद कम दिखाई दे रही है।

प्रदर्शनकारियों की आवाजाही से चलता था छोटा कारोबार-

जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शनों के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से आसपास के दुकानदारों को ग्राहकों की कमी नहीं होती थी। खाने-पीने की दुकानों से लेकर पान की गुमटियों तक, कई छोटे कारोबारियों की कमाई प्रदर्शनकारियों की आवाजाही पर निर्भर थी। अब प्रदर्शन स्थल बदलने और इलाके में आवाजाही कम होने से इन कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है। दुकानदारों को डर है कि यदि यही स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो उनकी रोजाना की कमाई पर और अधिक असर पड़ सकता है।

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