JNU controversy: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) परिसर में सोमवार रात हुई नारेबाजी को लेकर राजधानी की राजनीति गरमा गई है। इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार के मंत्रियों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।
आशीष सूद बोले- असहमति का अधिकार, देशविरोध की नहीं
दिल्ली सरकार में मंत्री आशीष सूद ने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र में असहमति स्वाभाविक है और नीतियों पर बहस होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की नीतियों पर सवाल उठाए जा सकते हैं, लेकिन हिंसा और देश को तोड़ने वाली मानसिकता के लिए कोई जगह नहीं है।
JNU controversy: शरजील इमाम से मंच साझा करने पर तंज
आशीष सूद ने कटाक्ष करते हुए कहा कि दिल्ली विधानसभा में ऐसे लोग भी मौजूद हैं, जिन्होंने शरजील इमाम जैसे व्यक्तियों के साथ मंच साझा किया है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया।
कपिल मिश्रा का तीखा बयान
जेएनयू में नारेबाजी पर मंत्री कपिल मिश्रा ने बेहद कड़े शब्दों में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, “सांपों के फन कुचले जा रहे हैं, इसलिए सपोले बिलबिला रहे हैं।”
JNU controversy: आतंक और नक्सल समर्थन का आरोप
कपिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि ऐसे तत्व आतंकियों, नक्सलियों और दंगाइयों के समर्थन में नारे लगाते रहे हैं। उन्होंने कहा कि देशभर में नक्सली गतिविधियों पर कार्रवाई तेज हुई है और इसी वजह से उनकी बौखलाहट सामने आ रही है। दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन आम आदमी पार्टी द्वारा प्रदूषण को लेकर किए गए प्रदर्शन पर भी कपिल मिश्रा ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 12 साल तक सत्ता में रहने के बावजूद ‘आप’ सरकार कोई ठोस काम नहीं कर पाई।
चेहरा छिपाने पर तंज
कपिल मिश्रा ने कहा कि आम आदमी पार्टी के नेता आज जनता के सामने चेहरा दिखाने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले वर्ष इसी समय आतिशी मुख्यमंत्री थीं, लेकिन सरकार के प्रदर्शन से जनता असंतुष्ट रही।






