Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक ओर भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाकर प्रदेश को विकास के पथ पर ले जा रही है, वहीं दूसरी ओर लखीमपुर खीरी के विकासखंड बिजुआ में कुछ भ्रष्टाचारी सरकार की छवि को धूमिल करने में लगे हैं। ताजा मामला ग्राम पंचायत रूरा सुल्तानपुर का है, जहाँ निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र में मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का गंभीर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया है।
ग्रामीणों ने खोली पोल
निर्माणाधीन आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण करने पहुँचे ग्रामीणों ने मौके पर पाया कि निर्माण कार्य में तकनीकी मानकों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में सीमेंट और मौरंग का अनुपात 06:01 रखा जा रहा है, जो कि भवन की मजबूती के लिए बेहद खतरनाक है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण में जिस मौरंग का प्रयोग हो रहा है, उसमें अधिकांश हिस्सा मिट्टी का है। छत और पिलर के जाल में मात्र 3 सूत की सरिया का प्रयोग किया जा रहा है, जिससे भविष्य में नौनिहालों की सुरक्षा पर बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है।
Lakhimpur Kheri: जैसा अधिकारी कह रहे, वैसा बना रहे
जब ग्रामीणों ने मौके पर काम कर रहे मिस्त्री से सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सवाल किया, तो उसका जवाब चौंकाने वाला था। मिस्त्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जैसा सरकार दे रही है, वैसा बना रहे हैं। जब ग्रामीणों ने प्रतिवाद करते हुए पूछा कि क्या सरकार मौरंग में मिट्टी मिलाकर दे रही है? तो मिस्त्री ने चुप्पी साध ली और अंत में जिम्मेदारी ग्राम विकास अधिकारी (VDO) पर डालते हुए कहा कि जैसा ग्राम विकास अधिकारी साहब कह रहे हैं, हम लोग वैसा ही काम कर रहे हैं।
किसके संरक्षण में फल-फूल रहा भ्रष्टाचार?
रूरा सुल्तानपुर की जनता अब यह सवाल पूछ रही है कि आखिर वह कौन सा ‘प्रभावशाली’ व्यक्ति है, जिसके संरक्षण में यह भ्रष्टाचार का खेल चल रहा है? बच्चों के बैठने के लिए बनने वाले इस केंद्र की नींव में भ्रष्टाचार का जहर घोलकर आखिर किसके हितों को साधा जा रहा है? ग्रामीणों का कहना है कि भ्रष्टाचार में डूबे ऐसे कर्मचारी और ठेकेदार सीधे तौर पर प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ की साख को बट्टा लगा रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) से मांग की है कि रूरा सुल्तानपुर में बन रहे इस आंगनबाड़ी केंद्र की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही घटिया सामग्री को हटाकर मानकों के अनुरूप काम शुरू नहीं हुआ, तो वे धरना-प्रदर्शन को मजबूर होंगे। अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशित होने के बाद क्या विकासखंड बिजुआ के अधिकारी जागते हैं या फिर नौनिहालों के भविष्य के साथ यह खिलवाड़ यूँ ही जारी रहेगा।
Report By: Sanjay Kumar
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