LPG supply: देश में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर सरकार ने बड़ा अपडेट देते हुए बताया है कि 23 मार्च 2026 से अब तक जरूरतमंद लोगों को 12 लाख से अधिक 5 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें खासतौर पर छात्र, प्रवासी मजदूर और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग शामिल हैं। मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बावजूद सरकार घरेलू एलपीजी और पीएनजी आपूर्ति को प्राथमिकता दे रही है, जिससे आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
रिकॉर्ड स्तर पर एलपीजी वितरण
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, 10 अप्रैल को देशभर में 51.5 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर वितरित किए गए। इसके साथ ही लगभग 1 लाख 5-किलोग्राम के एफटीएल (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलेंडर भी बेचे गए। यह आंकड़ा फरवरी 2026 के औसत 77,000 सिलेंडरों की तुलना में काफी अधिक है, जो बढ़ती मांग और बेहतर आपूर्ति व्यवस्था को दर्शाता है।
LPG supply: प्रवासी मजदूरों के लिए विशेष प्रावधान
सरकार ने प्रवासी श्रमिकों को राहत देने के लिए प्रत्येक राज्य में उपलब्ध 5 किलो के एफटीएल सिलेंडरों की आपूर्ति को दोगुना कर दिया है। ये सिलेंडर राज्य सरकारों के पास उपलब्ध रहेंगे और तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के सहयोग से केवल प्रवासी मजदूरों को ही वितरित किए जाएंगे। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों में रह रहे श्रमिकों को बड़ी राहत मिली है।
जागरूकता अभियान और वैकल्पिक ईंधन पर जोर
पिछले 8 दिनों में सार्वजनिक क्षेत्र की ओएमसी कंपनियों ने 2,900 से अधिक जागरूकता शिविर आयोजित किए, जिनमें 29,000 से ज्यादा 5 किलो के सिलेंडर बेचे गए। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे घबराहट में खरीदारी से बचें और केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। साथ ही डिजिटल बुकिंग प्लेटफॉर्म का उपयोग करने और पीएनजी, इलेक्ट्रिक या इंडक्शन कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों को अपनाने की भी सलाह दी गई है।
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