Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आतंकवाद के खिलाफ बड़ी न्यायिक कार्रवाई सामने आई है। विशेष अदालत ने अलकायदा से जुड़े अंसार गजवात उल हिंद मॉड्यूल के तीन आतंकियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोषियों में मिन्हाज अहमद, मसरुद्दीन और तौहीद अहमद शाह शामिल हैं, जो राज्य में बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रहे थे। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर इन्हें दोषी करार दिया।
गिरफ्तारी और बरामदगी से खुला नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार, 11 जुलाई 2021 को उत्तर प्रदेश एटीएस ने लखनऊ के दुबग्गा इलाके से मिन्हाज अहमद को गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर अन्य दो आरोपियों को भी पकड़ा गया। मिन्हाज के घर से कुकर बम बरामद हुआ, जबकि अन्य आरोपियों के पास से विस्फोटक सामग्री और पिस्टल मिली। इन बरामदगियों ने एक बड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा किया और साजिश की गंभीरता को उजागर किया।
Lucknow: स्वतंत्रता दिवस पर हमले की साजिश
जांच में सामने आया कि आरोपी 15 अगस्त 2021 के आसपास उत्तर प्रदेश में सीरियल बम धमाके करने की योजना बना रहे थे। उनका लक्ष्य भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों और सरकारी संस्थानों को निशाना बनाना था। एजेंसियों के मुताबिक, ये लोग मानव बम के जरिए भी बड़े हमले की तैयारी में थे, जिससे देश में दहशत फैलाने की मंशा थी।
विदेशी संपर्क और सख्त सजा
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी अलकायदा के हैंडलर उमर हलमंडी के निर्देश पर काम कर रहे थे, जो भारत में नेटवर्क विस्तार की कोशिश कर रहा था। मामले की जांच बाद में राष्ट्रीय जांच एजेंसी को सौंप दी गई। अभियोजन पक्ष ने अदालत में 42 गवाह और अनेक दस्तावेज प्रस्तुत किए, जिनके आधार पर अदालत ने तीनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख का संकेत है और सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को भी दर्शाता है, जिससे एक बड़ी साजिश समय रहते नाकाम हो सकी।








