Malviya Nagar Fire: मालवीय नगर होटल अग्निकांड में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी लवकेश बजाज का नाम इससे पहले भी एक गंभीर आपराधिक मामले में सामने आ चुका है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, पिछले वर्ष उसे फर्जी पासपोर्ट और नकली दस्तावेज तैयार कराने से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, लवकेश बजाज पर आरोप है कि वह बांग्लादेशी नागरिकों को नकली भारतीय दस्तावेज और पासपोर्ट उपलब्ध कराने के नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। इस मामले में जनवरी 2025 में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस को उसकी संलिप्तता के सबूत मिले, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद वह करीब 15 दिनों तक तिहाड़ जेल में रहा था। बाद में उसे जमानत मिल गई। हालांकि, फर्जी पासपोर्ट से जुड़ा यह मामला अभी भी अदालत में विचाराधीन है और इसकी सुनवाई जारी है।
होटल अग्निकांड में भी गिरफ्तारी
अब लवकेश बजाज को मालवीय नगर होटल अग्निकांड मामले में भी गिरफ्तार किया गया है। इस हादसे को लेकर पुलिस अन्य जिम्मेदार लोगों की भी तलाश कर रही है। मामले में होटल के अकाउंटेंट जय मिश्रा और मैनेजर राकेश की खोज जारी है।
जानकारी के अनुसार, जय मिश्रा दिल्ली के छतरपुर क्षेत्र का रहने वाला है। होटल में आग लगने की घटना के बाद से वह लगातार फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर रही है।
वहीं, होटल के मैनेजर राकेश और अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस उनके बारे में विस्तृत जानकारी जुटाने में लगी हुई है ताकि हादसे से जुड़े सभी पहलुओं का पता लगाया जा सके।

Malviya Nagar Fire: दोनों मामलों की समानांतर जांच
पुलिस फिलहाल फर्जी पासपोर्ट मामले और होटल अग्निकांड, दोनों मामलों की जांच एक साथ कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि लवकेश बजाज से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां और नए खुलासे सामने आ सकते हैं।
पुलिस ने लवकेश बजाज को पकड़ने के लिए राजधानी के कई इलाकों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया था। कई जगहों पर छापेमारी के बाद उसे गिरफ्तार किया गया।गुरुवार को उसे दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे चार दिनों की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
आग हादसे में गईं 21 लोगों की जान
मालवीय नगर में हुए इस भीषण अग्निकांड ने कई परिवारों को गहरा दुख दिया है। इस हादसे में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है।अधिकारियों के अनुसार, आग लगी इमारत से 47 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। इनमें से 26 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज चल रहा है।
दिल्ली स्थित एम्स में कई घायलों का इलाज किया जा रहा है। इनमें वे पुलिसकर्मी भी शामिल हैं, जो बचाव अभियान के दौरान सबसे पहले जलती हुई इमारत के अंदर पहुंचे थे। बचाव कार्य में शामिल इन पुलिसकर्मियों को भी गंभीर चोटें आई थीं और उनका उपचार जारी है।
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