Meerut News : मेरठ के लिसाड़ीगेट थाना क्षेत्र के किदवई नगर में सोमवार देर शाम एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया। सुराही वाली मस्जिद के पास गली नंबर 1 में इकबाल का दो मंजिला मकान अचानक आग की लपटों में घिर गया। ग्राउंड फ्लोर पर कपड़ों का गोदाम होने के कारण आग तेजी से भड़क उठी, जिसने पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में घर में मौजूद दो महिलाएं और पांच मासूम बच्चे बुरी तरह झुलस गए। सभी को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।

घटना की जानकारी देते हुए स्थानीय निवासियों ने बताया कि इकबाल अपने भाई के साथ शाम की नमाज अदा करने सुराही वाली मस्जिद चले गए थे। घर में अकेले दो महिलाएं और पांच छोटे बच्चे थे, जो शायद सो रहे थे या घर के कामों में व्यस्त। तभी अज्ञात कारणों से ग्राउंड फ्लोर के गोदाम में आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि धुआं पूरे मकान में फैल गया। पड़ोसियों ने खिड़कियों से आग की चिंगारियां देखीं तो अफरा-तफरी मच गई। उन्होंने तुरंत चिल्लाना शुरू किया और आसपास के लोगों को इकट्ठा कर बचाव का प्रयास किया।
सूचना मिलते ही लिसाड़ीगेट पुलिस और फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायरकर्मियों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। लेकिन तब तक घर के अंदर फंसे लोग बुरी तरह प्रभावित हो चुके थे। बचाव दल ने खिड़कियों और दरवाजों को तोड़कर दो महिलाओं और चार बच्चों को बाहर निकाला। बच्चों की चीखें सुनकर इलाके वालों का कलेजा मुनहस हो गया। आंखों देखी बताने वाले एक पड़ोसी ने कहा, “आग इतनी तेज थी कि हम कुछ समझ ही न पाए। बच्चे रो रहे थे, लेकिन धुएं से सांस लेना मुश्किल हो गया।
पुलिस और फायर विभाग की जांच में पता चला कि आग संभवतः शॉर्ट सर्किट या गोदाम में रखे ज्वलनशील कपड़ों के कारण भड़की। हालांकि, आग के सटीक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी। इकबाल जब मस्जिद से लौटे तो उनका घर जलकर खाक हो चुका था। उन्होंने आंसुओं भरी आंखों से बताया, “नमाज पढ़ने मात्र आधा घंटा गया था, वापस लौटे तो सब कुछ बर्बाद। मेरे बच्चे-महिलाएं घर में अकेले थे, सोचा न था ऐसा होगा।” परिवार की यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति देख स्थानीय लोग सहायता के लिए आगे आ रहे हैं। कुछ ने अस्पताल में खर्चा उठाने की पेशकश की है।






