Modi Women Reservation: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार शाम देश को संबोधित करते हुए महिला आरक्षण बिल पास न हो पाने पर अफसोस जताया। उन्होंने कहा कि इस बिल में संशोधन नहीं हो सका, इसके लिए वे देश की माताओं-बहनों से माफी मांगते हैं।
‘देशहित सर्वोपरि, दलहित नहीं’
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उनके लिए देशहित सर्वोपरि है, लेकिन कुछ राजनीतिक दलों के लिए दलहित देशहित से ऊपर हो जाता है, जिसका नुकसान नारी शक्ति को उठाना पड़ता है।
Modi Women Reservation: विपक्ष पर तीखा हमला
PM मोदी ने कांग्रेस, टीएमसी और डीएमके जैसे दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने सदन में महिला आरक्षण के प्रयास को रोक दिया। उन्होंने कहा कि यह बिल महिलाओं को नए अवसर देने और 2029 के चुनाव से उनका अधिकार सुनिश्चित करने का प्रयास था, लेकिन विपक्ष ने इसे विफल कर दिया।
Modi Women Reservation: ‘नारी के अपमान को देश नहीं भूलेगा’
प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद में जो हुआ, वह केवल विरोध नहीं बल्कि नारी सम्मान पर चोट थी। उन्होंने चेतावनी दी कि देश की महिलाएं इस घटना को याद रखेंगी और समय आने पर जवाब देंगी।
ममता बनर्जी का पलटवार
प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण बिल का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए किया जा रहा था और परिसीमन के जरिए कुछ राज्यों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी।
सरकार पहली बार बिल पास कराने में नाकाम
12 साल के कार्यकाल में यह पहला मौका है जब केंद्र सरकार सदन में कोई प्रमुख बिल पास नहीं करा सकी।अब महिला आरक्षण का लाभ 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले लागू नहीं हो पाएगा।
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