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MP में गैस सिलेंडरों की मारा- मारी के आरोप; भोपाल, इंदौर समेत बड़े शहरों में लंबी कतारें

MP में इन दिनों एलपीजी गैस की सप्लाई गंभीर रूप से प्रभावित हो गई है। पिछले तीन दिनों से कमर्शियल गैस सिलेंडरों की आपूर्ति लगभग बंद है, जबकि घरेलू गैस के लिए भी उपभोक्ताओं को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। जिन उपभोक्ताओं ने सिलेंडर बुक कराया है, उन्हें भी 5 से 7 दिन तक डिलीवरी का इंतजार करना पड़ रहा है। ऑयल कंपनियों के अनुसार फिलहाल केवल करीब 15 प्रतिशत गैस ही उपलब्ध हो पा रही है, जिसे प्राथमिकता के आधार पर घरों और जरूरी सेवाओं के लिए दिया जा रहा है। गैस की कमी के बीच कई जगह कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आई हैं। आरोप है कि कुछ लोग 900 रुपये के सामान्य सिलेंडर को 1700 से 2000 रुपये तक में बेच रहे हैं, जिससे आम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। कमर्शियल गैस की कमी से होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग और छोटे कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
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MP News : मध्य प्रदेश में एलपीजी गैस की सप्लाई अचानक बिगड़ गई है। पिछले तीन दिनों से कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति लगभग बंद है, जबकि घरेलू गैस के लिए भी लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। कई शहरों में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही उपभोक्ताओं की भीड़ लग रही है। हालात ऐसे हैं कि जिन लोगों ने सिलेंडर बुक कराया है, उन्हें भी 5 से 7 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। ऑयल कंपनियों का कहना है कि फिलहाल केवल करीब 15 प्रतिशत गैस ही उपलब्ध हो पा रही है, जिसे प्राथमिकता के आधार पर घरों और जरूरी सेवाओं के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

गैस की कमी का फायदा उठाकर कई जगहों पर कालाबाजारी के आरोप भी सामने आए हैं। रीवा के एक उपभोक्ता उमेश शुक्ला ने बताया कि एजेंसी पर घंटों इंतजार के बाद भी सिलेंडर नहीं मिला।

MP में गैस सिलेंडरों की मारा- मारी के आरोप

कुछ दलाल वही सिलेंडर 1700 से 2000 रुपये तक में बेच रहे हैं, जबकि इसकी सामान्य कीमत करीब 900 रुपये है। मजबूरी में कई परिवार महंगे दाम देकर सिलेंडर खरीदने को मजबूर हो रहे हैं। प्रशासन ने हालांकि कालाबाजारी पर नजर रखने की बात कही है। कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई रुकने से होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग और छोटे कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। फिलहाल अस्पतालों, सेना और पुलिस की कैंटीन, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जैसे जरूरी स्थानों को ही गैस उपलब्ध कराई जा रही है। होटल एसोसिएशन का कहना है कि राजधानी भोपाल में ही डेढ़ हजार से ज्यादा होटल-रेस्टोरेंट हैं, जहां रोजाना हजारों सिलेंडर इस्तेमाल होते हैं। जिनके पास स्टॉक बचा है, वह भी अधिकतम 48 घंटे ही चल पाएगा।

कारीगरों की बढ़ीं मुश्किलें

मार्च महीने में प्रदेश में हजारों शादियां तय हैं, जिनमें बड़े पैमाने पर कमर्शियल गैस का इस्तेमाल होता है। सप्लाई बंद होने से कैटरर्स को वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ रहे हैं। कई जगह डीजल या लकड़ी की भट्टी पर खाना बनाया जा रहा है। वहीं भोपाल और इंदौर में आभूषण कारीगरों को भी गैस न मिलने से काम प्रभावित हो रहा है। ईरान-इजरायल संघर्ष के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा संकट की स्थिति बनी हुई है। इसका असर स्थानीय बाजारों पर भी दिखने लगा है। किराना व्यापारियों के मुताबिक दालों, मसालों और ड्राई फ्रूट्स की कीमतों में तेजी दर्ज की जा रही है। वहीं खाद्य तेल और पैकेजिंग सामग्री भी महंगी हो गई है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे इन उत्पादों पर पड़ रहा है।

सरकार का दावा

प्रदेश सरकार का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है और सप्लाई को धीरे-धीरे सामान्य करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही जमाखोरी रोकने के लिए ‘आवश्यक वस्तु अधिनियम’ लागू कर दिया गया है। इसके तहत गैस की बुकिंग के नियम भी बदले गए हैं और अब नया सिलेंडर 25 दिन बाद ही बुक किया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द स्थिति सुधरने की उम्मीद है।

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