Home » Breaking News » ₹18 हजार की नौकरी, करोड़ों की संपत्ति! MY अस्पताल के फार्मासिस्ट राकेश गोरखे पर EOW जांच में चौंकाने वाले खुलासे

₹18 हजार की नौकरी, करोड़ों की संपत्ति! MY अस्पताल के फार्मासिस्ट राकेश गोरखे पर EOW जांच में चौंकाने वाले खुलासे

MP NEWS: महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज और एमवाय अस्पताल के पूर्व फार्मासिस्ट राकेश गोरखे पर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) का शिकंजा कसने के बाद मेडिकल कॉलेज की खरीद व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जांच में गोरखे और उसके परिवार के पास वैध आय से 108 प्रतिशत अधिक संपत्ति मिलने का दावा किया गया है। EOW के अनुसार, जांच अवधि में परिवार की वैध आय 1.11 करोड़ रुपये रही, जबकि अर्जित संपत्तियों का मूल्य 2.13 करोड़ रुपये से अधिक पाया गया।

खरीद शाखा से बढ़ा प्रभाव

राकेश गोरखे की नियुक्ति वर्ष 2007 में एमवाय अस्पताल में फार्मासिस्ट के रूप में हुई थी। वर्ष 2008 में उनका तबादला एमजीएम मेडिकल कॉलेज की खरीद शाखा में हुआ, जिसके बाद उनकी भूमिका लगातार बढ़ती चली गई। सूत्रों के अनुसार, दवाइयों और मेडिकल उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में उनकी मजबूत पकड़ बन गई और कई वर्षों तक वे खरीद व्यवस्था के प्रभावशाली चेहरों में शामिल रहे।

MP NEWS: कई डीन बदले, लेकिन बनी रही पकड़

जांच में सामने आया है कि अलग-अलग डीन के कार्यकाल में भी गोरखे की भूमिका बनी रही। आरोप है कि दवा कंपनियों और सप्लायरों से उनके करीबी संबंध थे तथा खरीद प्रक्रिया में उनका प्रभाव लगातार बढ़ता गया। हालांकि, बाद में प्रशासनिक बदलाव के दौरान उनकी पकड़ कमजोर हुई।

थाईलैंड यात्रा भी जांच के दायरे में

छापेमारी के दौरान मिले पासपोर्ट से पता चला कि गोरखे वर्ष 2023 में थाईलैंड गए थे। EOW विभागीय अनुमति और यात्रा में हुए खर्च की भी जांच कर रही है। तलाशी में संपत्ति के दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड, पासपोर्ट और नकदी भी जब्त की गई है।

MP NEWS: मारपीट के बाद बढ़ीं मुश्किलें

जून 2025 में एमजीएम मेडिकल कॉलेज में डीन के निजी सहायक के साथ मारपीट के मामले में गोरखे के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई थी। इसके बाद उन्हें निलंबित किया गया और विभागीय जांच शुरू हुई। अप्रैल 2026 में उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया।

पहले भी लगे थे वित्तीय अनियमितताओं के आरोप

गोरखे का नाम वर्ष 2023 में मेडिकल उपकरणों के रखरखाव से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले में भी सामने आया था। शिकायत में मशीनों के रखरखाव के नाम पर करोड़ों रुपये के भुगतान में अनियमितता और अधिकारियों के साथ मिलीभगत के आरोप लगाए गए थे। इस मामले की जांच भी EOW कर रही है।

ये भी पढ़े… आरक्षण मुद्दे पर बढ़ा बवाल! लखनऊ से नागपुर तक प्रदर्शन, भाजपा को वोट न देने की चेतावनी