MP NEWS: भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार-वार्ता में अर्चना चिटनीस ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को देश के भविष्य को दिशा देने वाला ऐतिहासिक कानून बताया। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम महिलाओं के सशक्तिकरण का स्वर्णिम अध्याय लिखेगा और देश की आधी आबादी को राजनीतिक भागीदारी में मजबूत बनाएगा।
महिला आरक्षण पर बड़ा कदम
उन्होंने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की मांग लंबे समय से उठती रही, लेकिन इसे लागू करने की ठोस पहल अब नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभव हो सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वर्षों तक इस मुद्दे को केवल राजनीतिक विषय बनाकर रखा और इसे लागू करने की इच्छाशक्ति नहीं दिखाई।
MP NEWS: अटल सरकार में भी हुआ था प्रयास
चिटनीस ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में भी महिला आरक्षण बिल लाने का प्रयास हुआ था, लेकिन विपक्ष के विरोध के कारण वह पारित नहीं हो सका। अब यह कानून महिलाओं को नीति-निर्धारण और नेतृत्व की भूमिका में स्थापित करेगा।

सामाजिक न्याय की दिशा में पहल
उन्होंने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम बताते हुए कहा कि इससे महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदारी मिलेगी और वे देश के विकास में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेंगी। इसे उन्होंने स्वतंत्र भारत के इतिहास का एक महत्वपूर्ण और परिवर्तनकारी क्षण बताया।
MP NEWS: सरकारी योजनाओं का भी जिक्र
भाजपा नेता ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए केंद्र सरकार पहले से कई योजनाएं चला रही है, जिससे उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति मजबूत हुई है। महिला सशक्तिकरण की बात करने वाली कांग्रेस का इतिहास ही यह रहा है कि उन्होंने हमेशा आधी आबादी के अधिकारों को अपने राजनीतिक स्वार्थ और सहयोगियों के दबाव की वेदी पर चढ़ाया है।
संसद में होगी अहम चर्चा
उन्होंने बताया कि 16 से 18 अप्रैल तक संसद में इस विषय पर विशेष चर्चा प्रस्तावित है, जो लोकतंत्र को मजबूत करने और महिलाओं को समान अवसर देने की दिशा में अहम कदम साबित होगी।
ये भी पढ़े… संसद सत्र से पहले भाजपा का 3 दिन का व्हिप जारी, क्या पास होगा ‘नारी शक्ति वंदन’?








