NEET Paper Leak: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने छात्र आंदोलन को दोबारा शुरू करने की चेतावनी दी है। CJP के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह को पत्र लिखकर सरकार पर आंदोलन के दौरान हुए समझौते का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। रंका का दावा है कि बिहार और बंगाल में सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दिल्ली और अन्य राज्यों में कई छात्रों पर नजर रखी जा रही है और उन्हें परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस नहीं ली गईं और गिरफ्तार छात्रों को रिहा नहीं किया गया तो CJP एक बार फिर प्रदर्शन शुरू करने के लिए मजबूर होगी।
सरकार पर समझौता तोड़ने का आरोप
आशुतोष रंका ने आरोप लगाया कि सरकार के साथ बातचीत के दौरान स्पष्ट समझौता हुआ था कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई पुलिस कार्रवाई नहीं की जाएगी। इसके बावजूद छात्रों की गिरफ्तारी और कथित तौर पर उन्हें परेशान किए जाने की घटनाएं सामने आ रही हैं। रंका ने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शनकारियों को लॉजिस्टिक्स सपोर्ट देने वाले कुछ वॉलंटियर्स को भी हिरासत में लिया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दावा किया कि इस तरह सरकार के साथ हुए समझौते का पूरी तरह उल्लंघन हो रहा है।
NEET Paper Leak: सभी FIR वापस लेने की मांग
CJP प्रवक्ता ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। उन्होंने छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी FIR तत्काल वापस लेने, गिरफ्तार छात्रों को रिहा करने और भविष्य में आंदोलन से जुड़े छात्रों के खिलाफ नई FIR दर्ज नहीं करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह व्यवस्था दिल्ली पुलिस, केंद्रीय एजेंसियों और बीजेपी शासित राज्यों की पुलिस पर भी लागू होनी चाहिए। रंका ने सरकार से लिखित समझौते की कॉपी भी मांगी है। उन्होंने कहा कि दस्तावेज में कानूनी मामलों के निपटारे की स्पष्ट समयसीमा होनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि सरकार ने मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की तो छात्र आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा।
37 दिन तक चला था जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
यह पूरा मामला NEET पेपर लीक विवाद से जुड़ा हुआ है। CJP की ओर से करीब 37 दिनों तक जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन चलाया गया था। इसके बाद सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई। बातचीत में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस लेने, मुआवजा देने और परीक्षा प्रणाली में सुधार जैसे मुद्दे शामिल थे।
NEET Paper Leak: धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ, बाकी मांगों पर विवाद
बताया गया कि आंदोलन खत्म कराने के लिए सरकार और CJP के बीच कई मांगों पर सहमति बनी थी। इसके बाद अगले दिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। CJP का दावा है कि समझौते की एक प्रमुख मांग पूरी होने के बावजूद FIR वापसी और अन्य मुद्दों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। इसी को लेकर संगठन ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि समझौते के बाकी बिंदुओं पर जल्द अमल नहीं किया गया तो छात्र आंदोलन दोबारा शुरू किया जा सकता है।
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