प्रधानमंत्री ने सेवा तीर्थ में सबसे संयुक्त मुलाकात की। तय कार्यक्रमानुसार शाम 7 बजे विदेश मंत्री एस. जयशंकर की ओर से भारत मंडपम में रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा।
वैश्विक मुद्दों पर भारत का स्पष्ट रुख
उन्होंने कहा, “शांति और सुरक्षा वैश्विक व्यवस्था के केंद्र में हैं। उन्होंने कहा कि हाल के संघर्षों ने संवाद और कूटनीति के महत्व को और अधिक स्पष्ट किया है। इस जटिल और अनिश्चित दुनिया में चर्चाओं को समानता और साझा लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारियों के सिद्धांतों को बनाए रखते हुए सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ाना चाहिए। डॉ. जयशंकर ने कहा कि तकनीकी प्रगति, वैश्विक परिदृश्य को नया आकार दे रही है और इसका उपयोग सुशासन तथा समावेशी विकास के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सहयोग मजबूत करने को लेकर भी साझा हित जुड़े हैं।”
New Delhi: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का जिक्र
बैठक में ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्री तथा सदस्य और भागीदार देशों के शिष्टमंडल प्रमुख भाग ले रहे हैं। भारत की अध्यक्षता में आयोजित इस वर्ष का विषय है—”लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण।” यह विषय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मानवता प्रथम और जनकेंद्रित दृष्टिकोण से प्रेरित है।
New Delhi: इन देशों के विदेश मंत्री ले रहे भाग
शुक्रवार को दूसरे दिन, ब्रिक्स संगठन के सदस्य और साझेदार देश ब्रिक्स एट 20: लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण विषय पर एक विशेष सत्र में भाग लेंगे। इसके बाद वैश्विक शासन और बहुपक्षीय प्रणाली में सुधार पर चर्चा की जाएगी।








