New Delhi: राजधानी दिल्ली से सामने आए सनसनीखेज विधानसभा सुरक्षा उल्लंघन मामले में अब जांच तेज हो गई है। आरोपी सरबजीत सिंह को 7 अप्रैल 2026 को तीस हजारी कोर्ट ने 8 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है। दिल्ली पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए 10 दिन की कस्टडी की मांग की थी, ताकि पूरे घटनाक्रम की तह तक पहुंचा जा सके। अब पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान इस घटना से जुड़े कई बड़े राज सामने आ सकते हैं।
साजिश या सनक? पुलिस हर एंगल से कर रही जांच
पुलिस इस मामले को केवल एक सुरक्षा चूक मानकर नहीं चल रही, बल्कि इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की संभावना से भी इनकार नहीं कर रही है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर सरबजीत सिंह इतनी सुरक्षा के बावजूद विधानसभा परिसर में कैसे घुस गया और क्या इस घटना में कोई और भी शामिल था। साथ ही आरोपी द्वारा फेंके गए मोबाइल फोन की तलाश भी जारी है, जिससे कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है।इस सिलसिले में पुलिस टीम पंजाब और उत्तर प्रदेश के पीलीभीत तक जाने की तैयारी में है, ताकि वाहन और आरोपी के मूवमेंट से जुड़ी पूरी जानकारी जुटाई जा सके।
New Delhi: मानसिक हालत पर बहस, कोर्ट ने उठाए सवाल
मामले में नया मोड़ तब आया जब आरोपी के वकील ने कोर्ट में दावा किया कि सरबजीत मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उसका इलाज चल रहा है। वकील के मुताबिक, वह बिना बताए चंडीगढ़ स्थित एक गुरुद्वारे चला गया था और बाद में अपने भतीजे के खोने की जानकारी मिलने पर दिल्ली आया।वकील ने यह भी दलील दी कि आरोपी ने विधानसभा को गुरुद्वारा समझ लिया था और इसी भ्रम में वह अंदर घुस गया। हालांकि कोर्ट ने इस तर्क पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति पीलीभीत से चंडीगढ़ और फिर दिल्ली तक खुद गाड़ी चला सकता है, तो उसे पूरी तरह मानसिक रूप से अस्वस्थ मानना मुश्किल है।
New Delhi: बैरियर तोड़कर घुसा, संतरी को कुचलने की कोशिश
घटना 6 अप्रैल 2026 की दोपहर करीब 2:10 बजे की है, जब CRPF के हेड कांस्टेबल जय प्रकाश नारायण गेट नंबर-2 पर ड्यूटी कर रहे थे। तभी एक सफेद टाटा सिएरा तेज रफ्तार में गेट की ओर बढ़ी। सुरक्षा संकेतों को नजरअंदाज करते हुए आरोपी ने न केवल गेट और बूम बैरियर तोड़ा, बल्कि ड्यूटी पर तैनात संतरी को कुचलने की भी कोशिश की।हालांकि सतर्कता दिखाते हुए संतरी ने कूदकर अपनी जान बचा ली। आरोपी यहीं नहीं रुका, बल्कि वह गाड़ी लेकर विधानसभा के मुख्य पोर्च तक पहुंच गया और वहां भी तेज रफ्तार में वाहन चलाकर अफरा-तफरी मचा दी। बाद में वह फिर गेट नंबर-2 की ओर लौटा और दोबारा संतरी को टक्कर मारने की कोशिश की।
जांच में जुटी टीमें, अहम सबूत किए गए जब्त
घटना के तुरंत बाद पुलिस, क्राइम टीम और FSL टीम मौके पर पहुंची और विस्तृत जांच शुरू की गई। घटनास्थल से पेंट के नमूने, गाड़ी के टूटे हिस्से, बाल, आर्टिफिशियल फूल और माला जैसे महत्वपूर्ण सबूत जुटाए गए हैं। घायल संतरी को मेडिकल जांच के लिए भेजा गया, जबकि आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने BNS की विभिन्न धाराओं और PDPP एक्ट के तहत केस दर्ज किया है और अब पूछताछ के जरिए यह जानने की कोशिश कर रही है कि यह महज एक लापरवाही थी या फिर इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी हुई है।
New Delhi: आगे क्या? पूछताछ में खुल सकते हैं बड़े खुलासे
अब सभी की नजर पुलिस कस्टडी में होने वाली पूछताछ पर टिकी है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस पूरे मामले से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं, जो न सिर्फ इस घटना की सच्चाई बताएंगे बल्कि राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर सकते हैं।
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