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होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर फंसे हुए हैं हजारों लोग, संयुक्त राष्ट्र की सभी पक्षों से संयम की अपील

New York: होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर फंसे हुए हैं हजारों लोग, संयुक्त राष्ट्र की सभी पक्षों से संयम की अपील

New York: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में टकराव की खबरों के बीच यूएन ने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा है कि संगठन को उम्मीद है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को “सतत रूप से खुला” रखा जाएगा।

समझौते का पालन करें

उन्होंने यह बात न्यूयॉर्क में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही। दुजारिक ने कहा, “यह महत्वपूर्ण है कि सभी पक्ष हर उस समझौते का पालन करें, जिस पर उन्होंने हस्ताक्षर किए हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “यह भी जरूरी है कि सभी संबंधित पक्ष व्यापक हितों पर ध्यान केंद्रित रखें,” जिसमें क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता के साथ-साथ नाविकों की भलाई भी शामिल है। हजारों-हजार पुरुष और महिलाएं जहाजों पर फंसे हुए हैं, जिन पर हम सभी उन वस्तुओं के लिए निर्भर हैं जिनका हम रोजाना उपभोग करते हैं।”

New York: ईरान ने सीजफायर  तोड़ा- अमेरिका

25 जून को सिंगापुर के कार्गो शिप ‘एमवी एवर लवली’ पर रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने ड्रोन हमला किया था। इसके जवाब में अमेरिका ने शुक्रवार को ईरान पर हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार अमेरिकी सेना ने मिसाइल-ड्रोन ठिकानों और तटीय रडार साइट्स को निशाना बनाया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा,” ईरान ने सीजफायर तोड़ा, इसलिए जवाबी कार्रवाई की गई।”

New York:  हमने जवाबी कार्रवाई की- ईरान

दूसरी ओर, ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक (आईआरजीसी) की नौसेना ने दावा किया है कि उसने जवाब में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।

शनिवार को ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी मेहर ने होर्मोजगान के पूर्वी क्षेत्र में बंदरगाह प्राधिकरण के प्रमुख के हवाले से कहा कि सिरिक बंदरगाह पर अमेरिकी हमलों के बाद किसी प्रकार का नुकसान नहीं हुआ है।

New York:  कूटनीतिक प्रक्रिया शुरू

इस बीच, अमेरिका स्थित गैर-लाभकारी लॉबिंग संगठन नेशनल ईरानी-अमेरिकन काउंसिल (एनआईएसी) ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज पर हुए हमले और इसके जवाब में अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों पर गहरी चिंता जताई है। संगठन ने कहा कि वह इन घटनाओं से “निराश और चिंतित” है।

एनआईएसी ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा, “अमेरिका और ईरान ने कूटनीतिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। दोनों देशों को अपने मतभेद सुलझाने के लिए बमों का नहीं, बल्कि कूटनीतिक माध्यमों का इस्तेमाल करना चाहिए।”

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