Home » जम्मू-कश्मीर » देशभक्ति की मिसाल: CM उमर अब्दुल्ला ने लिया बड़ा फैसला, लोग कर रहे जमकर तारीफ! जानिए क्या है फैसला…

देशभक्ति की मिसाल: CM उमर अब्दुल्ला ने लिया बड़ा फैसला, लोग कर रहे जमकर तारीफ! जानिए क्या है फैसला…

Spread the love

Omar Abdullah News: उमर अब्दुल्ला ने एक बार फिर संवेदनशील और जिम्मेदार नेतृत्व का उदाहरण पेश किया। श्रीनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने तिरंगे के रंगों वाले रिबन को काटने से साफ इनकार कर दिया, जिसे राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है।

क्या है पूरा मामला?

यह घटना कश्मीर हाट, एग्जीबिशन ग्राउंड में आयोजित ‘अपने कारीगर को जानें’ कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान हुई। जब मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि उद्घाटन के लिए लगाया गया रिबन तिरंगे (केसरिया, सफेद और हरा) के रंगों का है। इसे देखते ही उमर अब्दुल्ला ने रिबन काटने से मना कर दिया।

Omar Abdullah News: क्या किया फिर CM ने?

रिबन काटने के बजाय उन्होंने आयोजकों को निर्देश दिया कि रिबन को एक तरफ से खोल दिया जाए। इसके बाद उसी तरीके से कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। इस दौरान उनके साथ उपमुख्यमंत्री सुरिंदर कुमार चौधरी, सलाहकार नासिर असलम वानी और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

क्यों खास है यह फैसला?

राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े रंगों और प्रतीकों का उपयोग करते समय विशेष सावधानी बरतना जरूरी होता है। ऐसे में तिरंगे के रंगों वाले रिबन को काटना कई लोगों की नजर में उसके सम्मान के खिलाफ माना जा सकता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने यह कदम उठाया, जिसे अब प्रोटोकॉल और देशभक्ति से जोड़कर सराहा जा रहा है।

Omar Abdullah News: पहले भी दिखा है ऐसा रवैया

उमर अब्दुल्ला को पहले भी राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति संवेदनशील नेता माना जाता रहा है। वे सार्वजनिक जीवन में मर्यादा और नियमों के पालन को प्राथमिकता देते हैं। वहीं उनके पिता फारूक अब्दुल्ला अपने अलग, मुखर अंदाज के लिए जाने जाते हैं, लेकिन दोनों ही नेताओं की देश के प्रति प्रतिबद्धता पर हमेशा भरोसा जताया गया है।

सोशल मीडिया पर चर्चा

इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना कर रहे हैं। कई यूजर्स इसे “छोटी लेकिन महत्वपूर्ण पहल” बता रहे हैं, जो राष्ट्रीय सम्मान के प्रति जागरूकता का संदेश देती है। यह घटना दिखाती है कि सार्वजनिक पद पर बैठे नेताओं के छोटे-छोटे फैसले भी बड़ा संदेश देते हैं। तिरंगे के सम्मान को प्राथमिकता देकर उमर अब्दुल्ला ने एक बार फिर यह साबित किया कि संवेदनशीलता और सजगता ही असली नेतृत्व की पहचान है।

ये भी पढ़े… ईरान का अल्टीमेटम: ‘पहले वार में खत्म करेंगे US जहाज’- बातचीत से पहले ट्रंप को धमकी!

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments