Pakistan news: पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच रक्षा सहयोग एक बार फिर चर्चा में है। ताजा जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी सैन्य बलों को सऊदी अरब में तैनात किया गया है। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि लड़ाकू और सहायक विमानों के साथ पाकिस्तानी सेना के जवान शनिवार को किंग अब्दुलअजीज एयर बेस पहुंचे। यह वही एयर बेस है, जो ईरान के साथ तनाव के दौरान कई बार ड्रोन और मिसाइल हमलों का निशाना बन चुका है। इस बीच इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर को लेकर बातचीत जारी है।
सितंबर समझौते के बाद बढ़ी सैन्य गतिविधि
सऊदी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस तैनाती का मकसद दोनों देशों के बीच सैन्य तालमेल को मजबूत करना और क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा को बेहतर बनाना है। दरअसल, सितंबर में पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच एक अहम रक्षा समझौता हुआ था, जिसके तहत किसी एक देश पर हमला दोनों पर हमला माना जाएगा। खास बात यह है कि ईरान ने हालिया संघर्ष के दौरान अमेरिका और इजरायल के साथ जारी टकराव में सऊदी अरब को भी निशाना बनाया था, जिससे उसे नुकसान झेलना पड़ा था।
Pakistan news: वार्ता के बीच तैनाती पर उठे सवाल
एक तरफ जहां इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता जारी है, वहीं दूसरी तरफ सऊदी अरब में पाकिस्तानी सेना की तैनाती ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारों का मानना है कि यह कदम क्षेत्रीय समीकरणों को प्रभावित कर सकता है और पाकिस्तान की भूमिका को लेकर संदेह भी पैदा कर रहा है।
मध्यस्थों की मौजूदगी से बढ़ी हलचल
Pakistan news: सूत्रों के मुताबिक, इस अहम वार्ता में मिस्र, सऊदी अरब, चीन और कतर जैसे देशों के अधिकारी भी इस्लामाबाद में मौजूद हैं और परोक्ष रूप से मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। इसी कड़ी में ईरान के प्रतिनिधिमंडल, जिसकी अगुवाई संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागैर गालिबफ कर रहे हैं, ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। हालांकि, इस बैठक को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
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