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प्रतापगढ़ हादसा: 100 साल पुराना मकान गिरने से एक ही परिवार के 6 लोगों की मौत, सीएम योगी ने जताया दुख

प्रतापगढ़ हादसे पर सीएम योगी ने दुख जताया

Pratapgarh Collapse: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रतापगढ़ जिले में मकान गिरने से छह लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि प्रतापगढ़ में हुई यह दुखद घटना बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि उनकी संवेदनाएं मृतकों के परिजनों के साथ हैं। साथ ही भगवान श्रीराम से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान मिले और घायल व्यक्ति जल्द स्वस्थ हो।

यह हादसा प्रतापगढ़ जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के महोली इलाके में गुरुवार तड़के हुआ। लगातार हो रही भारी बारिश के दौरान लगभग 100 साल पुराना मकान अचानक ढह गया। इस हादसे में श्रीवास्तव परिवार के छह लोगों की मौत हो गई, जबकि एक सदस्य घायल हो गया।

मलबे में दब गया पूरा परिवार

पुलिस के अनुसार, हादसे के समय परिवार के सभी सात सदस्य एक ही कमरे में सो रहे थे। अचानक मकान गिरने से सभी लोग मलबे के नीचे दब गए।घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंचे। राहत एवं बचाव अभियान चलाकर सभी लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया। इनमें से एक व्यक्ति को जीवित बचा लिया गया, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।घटना के बाद जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक पांडे और पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने हादसे का जायजा लिया और इस दुर्घटना में जीवित बचे एकमात्र सदस्य अमन श्रीवास्तव से भी मुलाकात की।

Pratapgarh Collapse: प्रतापगढ़ हादसे पर सीएम योगी ने दुख जताया
प्रतापगढ़ हादसे पर सीएम योगी ने दुख जताया
शुरुआती जांच में सामने आई यह वजह

जिला मजिस्ट्रेट अभिषेक पांडे ने मीडिया को बताया कि यह मकान प्रमोद श्रीवास्तव का था। दूसरी मंजिल पर बने कमरे की छत पुराने निर्माण तरीके से बनाई गई थी। शुरुआती जांच में यही सामने आया है कि उसी पुरानी छत के गिरने से यह हादसा हुआ।उन्होंने बताया कि हादसे के समय परिवार के सभी सात सदस्य उसी कमरे में सो रहे थे, जहां एयर कंडीशनर लगा हुआ था। इसी कारण पूरा परिवार एक साथ उस कमरे में मौजूद था।

सरकार हर संभव मदद करेगी

अभिषेक पांडे ने बताया कि कमरे में सो रहे सात लोगों में से छह की मौत हो गई, जबकि अमन श्रीवास्तव जीवित बच गए हैं और डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।उन्होंने कहा कि एक ही हादसे में लगभग पूरा परिवार खत्म हो जाना बेहद दुखद है। सरकार ने पीड़ित परिवार के साथ हर कदम पर खड़े रहने और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।जिला मजिस्ट्रेट ने यह भी बताया कि उन्होंने अमन से मुलाकात कर उन्हें भरोसा दिलाया है कि सरकार की ओर से मिलने वाली सभी राहत और आर्थिक सहायता 24 घंटे के भीतर उपलब्ध करा दी जाएगी।

अमन श्रीवास्तव ने सुनाई हादसे की दर्दनाक कहानी

हादसे में जीवित बचे अमन श्रीवास्तव ने बताया कि जब उनकी आंख खुली तो उन्होंने खुद को मलबे के नीचे दबा हुआ पाया। किसी तरह बाहर निकलने के बाद उन्होंने देखा कि परिवार के बाकी सभी सदस्य अंदर फंसे हुए हैं।अमन ने बताया कि उन्होंने पहले अपने स्तर पर सभी को बचाने की कोशिश की, लेकिन जब सफल नहीं हुए तो जोर-जोर से मदद के लिए आवाज लगाई। उनकी आवाज सुनकर परिवार के अन्य सदस्य, पड़ोसी और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे।उन्होंने कहा कि उस रात सातों लोग एक ही कमरे में सो रहे थे। कमरे में उनके माता-पिता, छोटा भाई, पत्नी और दो छोटे बच्चे मौजूद थे। अमन की जान तो बच गई, लेकिन उनके माता-पिता, भाई, पत्नी और दोनों बच्चों सहित परिवार के छह सदस्यों की इस दर्दनाक हादसे में मौत हो गई।

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