Rahul Gandhi: कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत 10 विपक्षी नेताओं को सुप्रीम कोर्ट परिसर में जाकर याचिका दाखिल करने की अनुमति मिल गई है। शीर्ष अदालत के सूत्रों के मुताबिक, मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने भी इस पर सहमति जताई है। ये नेता अपने वकीलों के साथ सुप्रीम कोर्ट के फाइलिंग काउंटर पर याचिका दाखिल कर सकेंगे। विपक्षी नेता चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया और फॉर्म-6 में संशोधन जैसे मुद्दों पर अपनी आपत्तियां अदालत के सामने रखेंगे। इसके अलावा, प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी याचिका दाखिल किए जाने की संभावना है।
Rahul Gandhi: राहुल गांधी समेत 10 नेताओं को सुप्रीम कोर्ट जाने की अनुमति-
राहुल गांधी समेत विपक्षी नेताओं को सुप्रीम कोर्ट के फाइलिंग काउंटर तक जाने की अनुमति दी गई है। वे अपने वकीलों के साथ व्यक्तिगत रूप से वहां पहुंचकर याचिका दाखिल कर सकते हैं। यह फाइलिंग काउंटर हाई सिक्योरिटी क्षेत्र के बाहर स्थित है, जहां जाने के लिए विशेष पास की आवश्यकता नहीं होती। शीर्ष अदालत के सूत्रों के मुताबिक, CJI सूर्यकांत ने भी इस व्यवस्था पर सहमति जताई है। इसके बाद विपक्षी नेताओं के लिए अदालत में अपनी मांगें रखने का रास्ता साफ हो गया है।
Rahul Gandhi: चुनाव आयोग की SIR प्रक्रिया के खिलाफ दाखिल होगी याचिका-
विपक्षी नेता चुनाव आयोग की मतदाता सूची से जुड़ी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया और फॉर्म-6 में संशोधन जैसे मुद्दों पर आपत्ति जताते हुए याचिका दाखिल कर सकते हैं। इन याचिकाओं के जरिए विपक्ष चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को अदालत के सामने उठाना चाहता है। सूत्रों के मुताबिक, अदालत में याचिका दाखिल होने के बाद इन मामलों पर सुनवाई की जा सकती है।
पहले CJI से मिलना चाहते थे राहुल गांधी-
इससे पहले राहुल गांधी समेत विपक्षी नेता मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से व्यक्तिगत मुलाकात करना चाहते थे। हालांकि, CJI ने उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने से इनकार कर दिया था। इसके साथ ही उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं और कोई भी व्यक्ति अपनी अर्जी लेकर अदालत आ सकता है। नियमानुसार याचिका दाखिल किए जाने पर उस पर सुनवाई की जाएगी।
पुलिस कार्रवाई के खिलाफ भी दाखिल हो सकती है याचिका-
जानकारी के मुताबिक, विपक्ष के आठ सांसदों के भी सुप्रीम कोर्ट जाने की संभावना है। ये सभी एक याचिका में पक्षकार बन सकते हैं। इसके अलावा, दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल किए जाने की भी संभावना जताई जा रही है। पहली याचिका मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दे पर हो सकती है, जबकि दूसरी याचिका में प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ निर्देश देने की मांग की जा सकती है। हालांकि, याचिकाओं की अंतिम संख्या और उनमें शामिल मांगों की पुष्टि दाखिल होने के बाद ही हो सकेगी।
दिल्ली में 33 लाख छूटे मतदाताओं को जोड़ने का अभियान-
इस बीच, दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि राजधानी में मतदाता सूची से छूटे लोगों को जोड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे कुल 33 लाख मतदाताओं को सूची में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। अब तक इनमें से करीब 20 लाख लोगों को जोड़ा जा चुका है। यह अभियान मतदाता सूची को अपडेट करने और पात्र मतदाताओं को उसमें शामिल करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है।
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