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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा, एसआईटी जांच के बाद बढ़ा दबाव

Ram Mandir Case: राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और करोड़ों रुपये की चोरी के मामले में जांच तेज होने के बीच राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि एसआईटी जांच, एफआईआर और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बाद दोनों ने नैतिक आधार पर यह फैसला लिया।

एसआईटी रिपोर्ट के बाद 8 आरोपी कोर्ट में पेश होंगे

एसआईटी की प्रारंभिक जांच के बाद चढ़ावा चोरी मामले में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें दोपहर बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाएगा। मुहर्रम के कारण अदालतों में अवकाश होने से मामले की सुनवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट करेंगे।

Ram Mandir Case: सीएम योगी बोले- आस्था से खिलवाड़ नहीं 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि आरोप सामने आते ही एसआईटी गठित की गई थी। जांच रिपोर्ट मिलते ही तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई। उन्होंने कहा कि अयोध्या करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है और श्रद्धालुओं की भावनाओं से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

कैसे सामने आया चढ़ावा चोरी का मामला?

सूत्रों के अनुसार, मई के अंतिम सप्ताह में ट्रस्ट ने बैंक में जमा होने वाली दान राशि का मिलान किया तो नकदी में लगातार कमी का संदेह हुआ। इसके बाद नोटों की गिनती वाले कक्ष में गुप्त कैमरे लगाए गए। फुटेज में कुछ कर्मचारी नोटों की गड्डियों से नकदी निकालकर कपड़ों में छिपाते दिखाई दिए, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।

Ram Mandir Case: दो तरीकों से होती थी कथित हेराफेरी

जांच में सामने आया कि आरोपी पहले नोटों की गड्डियों से नकदी निकालते थे और बाद में रिकॉर्ड तैयार करते थे। एक अन्य तरीके में गड्डियों में अतिरिक्त नोट जोड़कर बैंक के लिए वाउचर तैयार किया जाता था, जबकि बैंक भेजने से पहले वे अतिरिक्त नोट निकाल लिए जाते थे। इस तरह रिकॉर्ड भी सही दिखाई देता था और नकदी भी गायब हो जाती थी।

परिचितों की नियुक्ति पर भी उठे सवाल

जांच में यह भी सामने आया कि नोट गिनने वाले कई कर्मचारियों की नियुक्ति सिफारिश के आधार पर हुई थी। आरोप है कि चंपत राय के ड्राइवर टिन्नू यादव ने अपने रिश्तेदार को काम पर लगवाया, जबकि अन्य कर्मचारियों ने भी अपने परिचितों को इस प्रक्रिया से जोड़ा। ड्यूटी के बाद कर्मचारियों की तलाशी नहीं होने के कारण कथित चोरी लंबे समय तक जारी रही।

Ram Mandir Case: नकदी और जेवरात चोरी के भी आरोप

एसआईटी जांच में दावा किया गया है कि केवल नकदी ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए सोने-चांदी के आभूषण भी गायब किए जाते थे। जांच के दौरान कई आरोपियों के घरों से लाखों रुपये नकद बरामद किए गए हैं और पुलिस कथित रूप से बनाई गई संपत्तियों की भी जांच कर रही है।

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