Rasik Dulari: संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की 25 सितंबर को हुई मौत के बाद वृंदावन स्थित उनके आश्रम को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और अब जांच का दायरा यमुना पार स्थित यमुना विहार कुंज तक भी पहुंच गया है। पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है और सीसीटीवी फुटेज समेत दूसरे साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
रसिक दुलारी की मौत के बाद बदली आश्रम की व्यवस्था
रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद केली कुंज आश्रम में दर्शन और दीक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं में बदलाव की खबरें सामने आई हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नए लोगों की दीक्षा और टोकन दर्शन पर रोक लगाई गई है। यमुना विहार कुंज में दीक्षित भक्तों के दर्शन की व्यवस्था भी फिलहाल बंद किए जाने की जानकारी सामने आई है। मौत के मामले में पुलिस अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही है। घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और रसिक दुलारी के संपर्क में रहे लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।
Rasik Dulari: आखिर कहां हैं प्रेमानंद महाराज?
इसी बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि घटना के बाद प्रेमानंद महाराज कहां हैं और केली कुंज में उनकी मौजूदगी क्यों नहीं दिख रही। स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, महाराज पिछले कुछ समय से मांट क्षेत्र के बेलवन स्थित यमुना विहार कुंज में रह रहे हैं। टीवी9 की रिपोर्ट के अनुसार, इसी आश्रम से प्रेमानंद महाराज की ओर से रसिक दुलारी की मौत के बाद एक संदेश जारी किया गया था, जिसमें घटना को सांसारिक लीला बताते हुए लोगों से भजन में मन लगाने की अपील की गई थी।
Rasik Dulari: आश्रम में कड़ी सुरक्षा, बिना अनुमति प्रवेश मुश्किल
यमुना विहार कुंज को लेकर सामने आई रिपोर्टों में आश्रम परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था होने की बात कही गई है। वहां मौजूद शिष्यों से बातचीत में भी आश्रम में प्रवेश और कैमरे के इस्तेमाल को लेकर प्रतिबंध की जानकारी सामने आई। हालांकि, आश्रम में महाराज की मौजूदगी और वहां की व्यवस्थाओं को लेकर सामने आ रही कई जानकारियां शिष्यों या मीडिया रिपोर्टों पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि हर मामले में उपलब्ध नहीं है।
सात पुलिस टीमें कर रही जांच
रसिक दुलारी शरण की मौत की जांच अब कई स्तरों पर चल रही है। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने सात टीमें गठित की हैं। तीन सीओ और तीन इंस्पेक्टर की निगरानी में अलग-अलग टीमें घटनास्थल, आश्रम और मृतक के संपर्क में रहे लोगों से जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस ने यमुना विहार कुंज को भी जांच के दायरे में लिया है। वहां रह रहे शिष्यों से पूछताछ की जा रही है और उपलब्ध सीसीटीवी व फॉरेंसिक साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि सभी साक्ष्यों को जोड़कर घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।
परिवारों के पहुंचने से बढ़े सवाल
रसिक दुलारी की मौत के बाद वृंदावन के आश्रम से जुड़े अन्य मामलों को लेकर भी कुछ परिवार सामने आए हैं। एक मामले में हाथरस का परिवार अपने 16 वर्षीय बेटे अनुज चौधरी की तलाश को लेकर आश्रम के बाहर पहुंचा है। परिवार का दावा है कि बेटा दीक्षा लेने के बाद लापता है। वहीं पुलिस के अनुसार, दीक्षा के बाद आश्रम में उसके ठहरने का रिकॉर्ड नहीं मिला है और मामले में जांच चल रही है। फिलहाल रसिक दुलारी शरण की मौत की परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस जांच, सीसीटीवी फुटेज, फॉरेंसिक रिपोर्ट और पूछताछ के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उस दिन वास्तव में क्या हुआ था।









