Salman Khurshid Iran: ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की प्रस्तावित अंतिम यात्रा को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। सामने आई जानकारी के अनुसार, ईरान ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं को इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा है। हालांकि, इस संबंध में आधिकारिक स्तर पर सभी पक्षों की ओर से अंतिम पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। वहीं इस मुद्दे पर भारत की राजनीति में भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को भेजा गया निमंत्रण
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, विदेश मामलों से जुड़े वरिष्ठ नेता सलमान खुरशीद और पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। बताया जा रहा है कि ईरान ने इन नेताओं को अंतिम यात्रा में शामिल होने के लिए औपचारिक निमंत्रण भेजा है। इससे पहले कांग्रेस ने खामेनेई की हत्या की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया था। इसी क्रम में सलमान खुरशीद ने दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास जाकर शोक संवेदना भी व्यक्त की थी।
Salman Khurshid Iran: अन्य नेताओं और भारत सरकार को भी निमंत्रण
जानकारी के मुताबिक, ईरान ने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को भी आमंत्रित किया है। वहीं भारत सरकार की ओर से विदेश राज्य मंत्री पदवी मार्गरेटा और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हुसैन के कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी निमंत्रण भेजे जाने की बात कही जा रही है, लेकिन उनके कार्यक्रम में शामिल होने को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
छह दिनों तक चलेगा अंतिम यात्रा का कार्यक्रम
बताया जा रहा है कि अंतिम यात्रा का कार्यक्रम चार जुलाई से नौ जुलाई तक आयोजित किया जाएगा। इसकी शुरुआत तेहरान से होगी और इसके बाद कोम, नजफ, करबला तथा अंत में मशहद में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आयोजन को लेकर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। आयोजकों को बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।
Salman Khurshid Iran: राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर जारी
इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। कांग्रेस इसे भारत और ईरान के संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण अवसर मान रही है। दूसरी ओर प्रधानमंत्री के संभावित कार्यक्रम को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं। इसी बीच विभिन्न राजनीतिक नेताओं ने इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय व्यक्त की है। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि भारत की ओर से इस कार्यक्रम में अंतिम रूप से कौन-कौन शामिल होता है।
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