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Bulldozer Action: अवैध मस्जिद ढही, 100 ग्रामीण रातभर हथौड़े से तोड़ते 1339 वर्गमीटर का निर्माण

गांव वालों ने प्रशासन से पहले मस्जिद तोड़ी

Sambhal Bulldozer Action: इस समय संभल से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। गांव में अवैध मस्जिद का निर्माण किया गया था। जिसे प्रशासन बुलडोजर से तोड़ने वाली थी, लेकिन उनके द्वारा की जाने वाली कार्रवाई से पूर्व ही गांव के लोगों द्वारा अवैध मस्जिद को तोड़ दिया गया। वहां रह रहे लोगों ने केवल रात भर में ही हथौड़े और छेनी की मदद से मस्जिद ढहाई गई। सुबह होते ही जब प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची, तो उन्होंने देखा कि पूरी मस्जिद अब मलबे में बदल चुकी थी।

Sambhal Bulldozer Action: गांव वालों ने प्रशासन से पहले मस्जिद तोड़ी
गांव वालों ने प्रशासन से पहले मस्जिद तोड़ी

रातभर हथौड़े से ढही 25 साल पुरानी मस्जिद

जिसके बाद तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह इस पर बात करते हुए कहते है कि, “भगवान ने इन लोगों को सद्बुद्धि दी कि उन्होंने खुद-ब-खुद अवैध निर्माण तोड़ दिया।” और अब मौके पर पहुंची प्रशासन की टीम मस्जिद का मालवा हटाने का कार्य कर रही है। बता दे यह मस्जिद लगभग 25 साल पहले 1339 वर्ग मीटर की जमीन पर बनाई गई थी। इसके टूट जाने के बाद अब यह जमीन गरीबों को पट्टा दी जाएगी।

Sambhal Bulldozer Action: गांव वालों ने प्रशासन से पहले मस्जिद तोड़ी
गांव वालों ने प्रशासन से पहले मस्जिद तोड़ी

Sambhal Bulldozer Action: अवैध मस्जिद मामले की कानूनी कार्रवाई

मस्जिद को तोड़ने का यह पूरा मामला थाना ऐंचौड़ा कम्बोह क्षेत्र के सलेमपुर सलार (हाजीपुर) गांव का है। तहसीलदार द्वारा बताई गई जानकारी के मुकाबिक 14 जून 2018 को लेखपाल द्वारा रिपोर्ट दी गई थी कि सरकारी जमीन पर हाजी शमीम ने अवैध कब्जा कर लिया है और इसके बाद उस जमीन पर मस्जिद बनाई गई है। जिसके आधार पर ही तहसीलदार न्यायालय में “ग्राम सभा बनाम हाजी शमीम मुतवल्ली” के नाम से मामला दर्ज हुआ अथवा सुनवाई की कार्यवाई प्रारंभ की गई।

Sambhal Bulldozer Action: गांव वालों ने प्रशासन से पहले मस्जिद तोड़ी
गांव वालों ने प्रशासन से पहले मस्जिद तोड़ी

हाईकोर्ट ने तहसीलदार कोर्ट का आदेश सही माना

पूरी जानकारी की पुष्टि होते ही तहसीलदार कोर्ट ने मस्जिद को हटाने का आदेश दे दिया था। यही नहीं कोर्ट ने मस्जिद के मौलाना मुतवल्ली पर 8.78 लाख रुपए तक का जुर्माना भी लगाया गया था। लेकिन कोर्ट के फैसले को अनसुना किया गया और ममस्जिद कमेटी ने हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने भी तहसीलदार कोर्ट के आदेश को सही माना। इस अवैध निर्माण को हटाने के लिए दो तहसीलदार, एक सीओ, छह कानूनगो और 24 लेखपालों की टीम बनाई गई थी। जिसके बाद आज 4 जनवरी 2025 को नोटिस की आखिरी तारीख थी, इसी वजह से प्रशासन बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचा, लेकिन वहां जाकर देखा कि मस्जिद पहले से ही तोड़ दी गई थी।

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