Silver Prices Record High: दिसंबर 2025 के आखिरी सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को घरेलू मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी की कीमतों ने एक नया दर्ज किया है। बता दें, चांदी के दामों में लगभग 4 प्रतिशत से भी अधिक की वृद्धि ₹2,54,174 प्रति किलोग्राम तक पहुँच चूका है। इसी के साथ यह अब तक का सबसे ऊँचा स्तर है। दूसरी तरह सोने की बात करें तो इसमें हल्की गिरावट ही देखने को मिली है।
चांदी ने छू लिया ₹2,54,174 प्रति किलोग्राम
सुबह के करीब 10:47 बजे तक, मार्च डिलीवरी वाली चांदी 3.72% मतलब ₹8,931 बढ़कर ₹2,48,718 प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी। इसी के साथ फरवरी डिलीवरी वाला सोना केवल 24 रुपए यानी 0.02% की हल्की गिरावट के साथ ₹1,39,849 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। बता दें, वैश्विक बाजार में चांदी की कीमतें तेजी से गिर गई थीं। इससे पहले चांदी ने स्पॉट मार्केट में $84 प्रति औंस का नया रिकॉर्ड बनाया था।

Silver Prices Record High: अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी के फ्यूचर्स में तेजी
रिकॉर्ड स्तर तक पहुँचने के पश्च्यात निवेशकों द्वारा मुनाफा निकालने के लिए चांदी को बेचना शुरू कर दिया गया है, जिस वजह से अब इसके दाम लगभग 8% तक नीचे आ गए है। जिसके कारण चांदी की लगातार सात दिन तक बढ़त का सिलसिला टूट गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार की बात करें तो चांदी के फ्यूचर्स रेट शुरुआती कारोबार में $82.67 प्रति औंस तक पहुँच गए, जो एक दिन में 7% की बढ़त थी। इससे पूर्व शुक्रवार के दिन भी चांदी में 11% की बड़ी तेजी देखी गई थी, जो साल 2008 के बाद एक दिन में सबसे ज्यादा थी।
चांदी का सीमित भंडार और सोने की तुलना
विशेषज्ञों का इस बढ़ोतरी पर कहना है कि अक्टूबर में सप्लाई की कमी के चलते जो तेजी आई थी, उसके मुकाबले अब की तेजी उससे भी ज्यादा तेज है। उन्होंने यह भी बताया कि छुट्टियों के चलते बाजार में लेन-देन कम हुआ, जिससे कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। साथ ही, बाजार में चांदी की उपलब्धता सीमित है और निवेशक जल्दी अपना पैसा निकाल सकते हैं, यही कारण है कि दाम लगातार बढ़ रहे हैं।

2025 में चांदी का रिकॉर्ड प्रदर्शन
साल 2025 में अब तक चांदी की कीमतों में लगभग 180% की बढ़ोतरी हो चुकी है। साल में अभी सिर्फ तीन कारोबारी दिन बचे हुए हैं, और अगर यही रफ्तार रहती है, तो यह 1979 के बाद चांदी का सबसे अच्छा साल साबित होगा, साल 1979 में चांदी की कीमतों में 200% से अधिक का उछाल आया था। मेहता इक्विटीज़ लिमिटेड के कमोडिटीज उपाध्यक्ष राहुल कलंत्री का कहना है कि डॉलर इंडेक्स में कमजोरी, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और दुनिया में बढ़ते तनाव ने चांदी की कीमतों को मजबूती दी है। डॉलर इंडेक्स लगातार पांचवें हफ्ते गिर रहा है।
चांदी का सपोर्ट और रेजिस्टेंस स्तर
उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच नए तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में कीमती धातुओं, जैसे सोना और चांदी, की ओर बढ़ रहे हैं।इसके अलावा, चीन द्वारा जनवरी 2026 से चांदी के निर्यात पर रोक लगाने के प्रस्ताव ने भी कीमतों को ऊपर धकेला। वैश्विक अनिश्चितता के चलते लोग कीमती धातुओं में निवेश कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, चांदी को ₹2,38,810 से ₹2,37,170 के स्तर पर सपोर्ट मिल सकता है, जबकि ऊपर की ओर ₹2,41,810 से ₹2,43,470 के स्तर को रेजिस्टेंस माना जा सकता है।
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