Sonam Wangchuk: लद्दाख से जुड़े मुद्दों को लेकर लंबे समय से जारी आंदोलन के बीच अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने उनसे भावुक अपील करते हुए कहा है कि वे अपना अनशन समाप्त कर दें। दीपके ने भरोसा दिलाया कि यदि वांगचुक अनशन खत्म भी कर देते हैं, तब भी आंदोलन पूरी ताकत और पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखा जाएगा।
25 दिनों के अनशन के बाद बढ़ी स्वास्थ्य को लेकर चिंता
अभिजीत दीपके ने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि सोनम वांगचुक के अनशन का 25वां दिन है और इतने लंबे समय तक बिना भोजन के रहने से उनकी जान को गंभीर खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि देश के लिए संघर्ष करने वाले व्यक्ति की सुरक्षा सबसे अधिक महत्वपूर्ण है और वह नहीं चाहते कि उनकी तबीयत और ज्यादा बिगड़े। इसी वजह से उन्होंने वांगचुक से आग्रह किया कि वे अपना अनशन समाप्त करें और अपनी सेहत का ध्यान रखें।
Sonam Wangchuk: ‘अनशन टूटेगा, लेकिन आंदोलन नहीं रुकेगा’
दीपके ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि यदि सोनम वांगचुक अनशन खत्म करते हैं तो इसका मतलब यह नहीं होगा कि आंदोलन भी समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलन पहले की तरह जारी रहेगा और प्रदर्शनकारी अपने उद्देश्य को लेकर पीछे नहीं हटेंगे। उनका कहना था कि यह संघर्ष लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आगे बढ़ेगा तथा आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक उनकी मांगों पर उचित निर्णय नहीं लिया जाता।
Sonam Wangchuk: शांतिपूर्ण प्रदर्शन बनाए रखने की अपील
अभिजीत दीपके ने आंदोलन का समर्थन कर रहे लोगों से भी शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन पूरी तरह अहिंसक रहेगा और किसी भी ऐसी गतिविधि का हिस्सा नहीं बना जाएगा, जिससे आंदोलन या देश की छवि को नुकसान पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग गलत नारेबाजी करते हैं या हिंसक गतिविधियों में शामिल होते हैं, उनका इस आंदोलन से कोई संबंध नहीं है और उन्हें आंदोलन का हिस्सा नहीं माना जा सकता।
गांधी और आंबेडकर के विचारों पर चलने की बात
अपने संदेश में दीपके ने कहा कि यह आंदोलन महात्मा गांधी और बाबा साहब भीमराव आंबेडकर के बताए गए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक मार्ग पर आगे बढ़ेगा। उन्होंने एक बार फिर सोनम वांगचुक से आग्रह किया कि वे अपनी सेहत को प्राथमिकता देते हुए अनशन समाप्त करें, क्योंकि उनका स्वस्थ रहना आंदोलन और देश, दोनों के लिए जरूरी है।सोनम वांगचुक की तबीयत को लेकर बढ़ती चिंता के बीच अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वे अभिजीत दीपके की अपील पर क्या फैसला लेते हैं। वहीं आंदोलन से जुड़े लोग लगातार यह संदेश दे रहे हैं कि उनका विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाया जाता रहेगा।
ये भी पढ़े……राहुल गांधी के प्रदर्शन पर संजय निषाद बोले- ‘कुछ हासिल नहीं होगा’, ओपी राजभर ने भी अखिलेश को घेरा







