विजया एकादशी, नारायण की प्राप्ति का विशेष दिन, ये हैं शुभ-अशुभ दिन
सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। इसके पांच अंग – तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार – के आधार पर शुभ-अशुभ समय का निर्धारण होता है। शुभ कार्यों के लिए राहुकाल का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। राहुकाल सुबह 11 बजकर 12 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। इस दौरान कोई भी नया या शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।