भोजशाला के फैसले पर काशी में भी जश्न
धार की भोजशाला को लेकर हाई कोर्ट के फैसले के बाद वाराणसी में खुशी का माहौल देखने को मिला। सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा कि हाई कोर्ट का यह फैसला आने वाले धार्मिक मामलों में एक बड़ी मिसाल बनेगा।
धार की भोजशाला को लेकर हाई कोर्ट के फैसले के बाद वाराणसी में खुशी का माहौल देखने को मिला। सुभाष नंदन चतुर्वेदी ने कहा कि हाई कोर्ट का यह फैसला आने वाले धार्मिक मामलों में एक बड़ी मिसाल बनेगा।
महाकुंभ के दौरान सोशल मीडिया पर चर्चा में आए IIT बाबा यानी Abhay Singh अब शादी के बंधन में बंध चुके हैं। उनकी पत्नी प्रतीका ने बताया कि दोनों मिलकर भविष्य में एक “सनातन यूनिवर्सिटी” शुरू करना चाहते हैं, जहां अध्यात्म और सनातन संस्कृति से जुड़े लोगों को एक मंच मिल सके। दो
सनातन धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है। इसके पांच अंग – तिथि, नक्षत्र, योग, करण और वार – के आधार पर शुभ-अशुभ समय का निर्धारण होता है। शुभ कार्यों के लिए राहुकाल का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। राहुकाल सुबह 11 बजकर 12 मिनट से दोपहर 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। इस दौरान कोई भी नया या शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।