Tiger Shroff: अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर रविवार शाम हुई गोलीबारी के दौरान मौके पर मौजूद व्लॉगर उमेश चौहान गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के समय वह टाइगर श्रॉफ का वीडियो बना रहे थे। अचानक उनकी छाती में तेज दर्द होने लगा और उन्हें लगा कि उन्हें दिल का दौरा पड़ गया है। हालांकि, जब उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, तब पता चला कि गोलीबारी के दौरान एक गोली उन्हें भी लगी थी।
Tiger Shroff: टाइगर श्रॉफ का वीडियो बनाते समय लगी गोली
घायल व्लॉगर उमेश चौहान ने बताया कि वह टाइगर श्रॉफ का वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे, तभी अचानक उनकी छाती में तेज दर्द होने लगा। उन्हें लगा कि उन्हें हार्ट अटैक आया है, लेकिन बाद में पता चला कि उन्हें गोली लगी थी। घटना के दौरान उन्हें इस बात का अहसास तक नहीं हुआ कि वह गोली लगने से घायल हुए हैं।
Tiger Shroff: हमलावरों ने की थी ताबड़तोड़ फायरिंग-
रविवार शाम टाइगर श्रॉफ फुटबॉल क्लब से बाहर निकल रहे थे और प्रशंसकों की ओर हाथ हिला रहे थे। इसी दौरान हमलावरों ने उनकी ओर ताबड़तोड़ फायरिंग की। सामने आए वीडियो में एक व्यक्ति दोनों हाथों से बंदूक पकड़कर कार की ओर गोली चलाता दिखाई दे रहा है। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर बाइक से मौके से फरार हो गए।
अचानक छाती में तेज दर्द होने लगा
उमेश चौहान ने बताया कि घटना शाम करीब 7 बजे की है। टाइगर श्रॉफ फुटबॉल खेलने के बाद क्लब से बाहर निकल रहे थे। जैसे ही उनकी गाड़ी गेट से बाहर आई, वह उसी जगह खड़े होकर वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज आवाज सुनाई दी। उन्हें लगा कि जैसे किसी गाड़ी का टायर फट गया हो। इसके तुरंत बाद उनकी छाती में तेज दर्द होने लगा और उन्हें सांस लेने में परेशानी महसूस हुई।
कूपर अस्पताल पहुंचने पर गोली लगने का चला पता
व्लॉगर ने बताया कि दर्द होने के बाद वह चिल्लाने लगे और लोगों से मदद मांगने लगे। उन्होंने लोगों को बताया कि उनकी छाती में दर्द हो रहा है और उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है। उस समय उन्हें यह पता नहीं था कि गोली लगने से वह घायल हुए हैं। उन्हें इस बात की जानकारी कूपर अस्पताल पहुंचने के बाद मिली।
आरोपियों को कोटा रेलवे स्टेशन से किया गया गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, घटना के अगले दिन आरोपियों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। बताया गया कि आरोपी ट्रेन से दिल्ली जा रहे थे और नेपाल भागने की फिराक में थे। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी आपस में संदेश और लोकेशन साझा करने के लिए सिग्नल और टेलीग्राम जैसे ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, फायरिंग में इस्तेमाल किया गया हथियार अभी तक बरामद नहीं हुआ था। गिरफ्तारी के समय आरोपी ट्रेन के जनरल डिब्बे में सफर कर रहे थे।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम भी आया सामने
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गैंग द्वारा हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस इस दावे की पुष्टि कर रही थी। मामले में हमले के पीछे की वजह और अन्य पहलुओं की जांच जारी थी।
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