Today News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ (पीएम-वीबीआरवाई) के अंतर्गत लगभग 2,400 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि का वितरण करेंगे। कार्यक्रम से पहले उन्होंने कहा कि यह हमारी युवा शक्ति को सशक्त बनाने के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
युवा शक्ति को सशक्त बनाने का प्रयास
प्रधानमंत्री मोदी ने आज शुक्रवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, आज शाम 5 बजे मैं एक कार्यक्रम में भाग लूंगा, जहां ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ के अंतर्गत लगभग 2,400 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि वितरित की जाएगी। यह हमारी युवा शक्ति को सशक्त बनाने के प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य रोजगार के अवसर बढ़ाना और सामाजिक सुरक्षा के दायरे का विस्तार करना है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, शुक्रवार को विशेष कार्यक्रम नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित होगा। यह राशि वितरण ‘पीएम-वीबीआरवाई’ के कार्यान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। ‘पीएम-वीबीआरवाई’ भारत सरकार की प्रमुख रोजगार-संबंधी प्रोत्साहन योजना है, जिसका उद्देश्य रोजगार सृजन में तेजी लाना, रोजगार को औपचारिक बनाना, रोजगार क्षमता बढ़ाना और सभी सेक्टरों में सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करना है। इस प्रोत्साहन के माध्यम से देश भर में 15 लाख रोजगार के अवसर सृजित किए जा चुके हैं। ‘पीएम-वीबीआरवाई’ योजना का उद्देश्य श्रमिकों और नियोक्ताओं दोनों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।
At 5 PM today, will attend a programme where incentives worth around Rs. 2400 crore will be distributed under the Pradhan Mantri Viksit Bharat Rozgar Yojana. This is a part of our efforts to empower our Yuva Shakti with a focus on enhancing job creation and expanding social…
— Narendra Modi (@narendramodi) June 19, 2026
इस योजना के तहत, पहली बार रोजगार पाने वाले कर्मचारियों को 15,000 रुपए तक का प्रोत्साहन दिया जाता है, जिससे उन्हें कार्यबल में शामिल होने में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी प्रति माह 3,000 रुपए तक का प्रोत्साहन मिलता है, जिससे सतत रोजगार सृजन को प्रोत्साहन मिलता है। आर्थिक विकास को गति देने में विनिर्माण के कार्यनीतिक महत्व को देखते हुए, विनिर्माण क्षेत्र के नियोक्ता 4 साल की अवधि के लिए प्रोत्साहन प्राप्त करने के पात्र हैं, जबकि अन्य सभी सेक्टरों के नियोक्ता दो वर्षों के लिए प्रोत्साहन का लाभ उठा सकते हैं। यह योजना रोजगार-आधारित विकास के लिए अनुकूल वातावरण को बढ़ावा देने और यह सुनिश्चित करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि भारत की आर्थिक प्रगति के लाभ उसके युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण औपचारिक रोजगार के अवसरों में परिवर्तित हों।
Today News: 1 अगस्त 2025 से प्रभावी हुई योजना
आपको बता दें कि ‘प्रधानमंत्री-विकसित भारत रोजगार योजना’ (पीएम-वीबीआरवाई) 1 अगस्त 2025 से प्रभावी हुई। 99,446 करोड़ रुपए के कुल परिव्यय वाली इस योजना का उद्देश्य दो सालों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित करने के लिए प्रोत्साहन देना है। इनमें से लगभग 1.92 करोड़ लाभार्थी पहली बार कार्यबल में प्रवेश करेंगे। कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों की सहायता करने के जरिए, यह योजना औपचारिक रोजगार के विस्तार, सामाजिक सुरक्षा कवरेज को सुदृढ़ करने और विकसित भारत के विजन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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