Breaking News
Home » लाइफस्टाइल » बड़े बुजुर्ग थे वैज्ञानिक तरीके से बुद्धिमान: जानिए पुराने घरों में क्यों बनते थे भंडार घर

बड़े बुजुर्ग थे वैज्ञानिक तरीके से बुद्धिमान: जानिए पुराने घरों में क्यों बनते थे भंडार घर

पुराने घरों में क्यों बनते थे भंडार घर?
पुराने घरों में क्यों बनते थे भंडार घर?

Traditional Storage: आपने अपनी नानी-दादी के घरों में भंडार घर तो ज़रूर देखा होगा। यह कॉन्सेप्ट आज के नए घरों और फ्लैटों में बिल्कुल खत्म हो गया है।क्या आप जानते हैं कि आखिर पुराने लोग इस कमरे को इतनी अहमियत क्यों देते थे? इसके पीछे सिर्फ सामान रखना ही नहीं, बल्कि कुछ ऐसे वैज्ञानिक और सामाजिक कारण थे, जो वाकई आपको हैरान कर देंगे। आइए जानते हैं इनके बारे में।आज हमारे पास खाना सुरक्षित रखने के लिए फ्रिज हैं, लेकिन पहले ऐसा नहीं था। पुराने घरों में भंडार घर की दीवारें बहुत मोटी और अक्सर मिट्टी की बनाई जाती थीं। इस कमरे में खिड़कियां न के बराबर होती थीं, ताकि सूरज की सीधी रोशनी और गर्मी अंदर न आ सके।

लाइफ इंश्योरेंस थे भंडार घर

गांव में लोग खेती करते हैं। यही उनका मुख्य स्रोत होता है। ऐसे में बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। तब भंडार घर में लोग गेहूं, चावल और अन्य सामग्रियों को आने वाले मुश्किल समय के लिए भरकर रखते थे। ऐसे में यह लाइफ इंश्योरेंस की तरह काम करता था।

Traditional Storage:  पुराने घरों में क्यों बनते थे भंडार घर?
पुराने घरों में क्यों बनते थे भंडार घर?
कीड़ों से बचाव की भी सोच

हमारे पूर्वज हर चीज पर बड़ी वैज्ञानिक बुद्धि से सोचते-विचारते थे। भंडार घर को घर के बीचों-बीच या ऐसे हिस्से में बनाया जाता था, जहां सीलन न पहुंचे। अनाज को कीड़ों से बचाने के लिए इस कमरे में नीम की सूखी पत्तियां, राख और सूखी लाल मिर्च का इस्तेमाल किया जाता था।

एकता का प्रतीक

उस दौर में परिवार बहुत बड़े होते थे चाचा, ताऊ, दादा, सब एक साथ एक ही छत के नीचे रहते थे। इतने बड़े परिवार के लिए रोज का राशन निकालना कोई छोटा काम नहीं था। दिलचस्प बात यह है कि इस भंडार घर की चाबी हमेशा घर की सबसे बुजुर्ग और अनुभवी महिला के पास होती थी। यह चाबी उनके सम्मान, जिम्मेदारी और पूरे परिवार को एक डोर में बांधकर रखने की ताकत का प्रतीक थी, जो कि अब देखने को नहीं मिलता है।

Written by- Anushka

ये भी पढ़ें…प्रधानमंत्री आज दिखाएंगे हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी: जानिए प्राइसिंग और ट्रेन का तय रूट