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चुनाव आयोग का SSR क्या है? कैसे होती है मतदाता सूची अपडेट, कौन जुड़वा सकता है नाम और क्या हैं जरूरी नियम?

Election Commission SSR: चुनाव आयोग ने दिए SSR के आदेश?

Election Commission SSR: मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए चुनाव आयोग ने 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण यानी SSR (Special Summary Revision) की घोषणा की है। इस प्रक्रिया के तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, मतदाता सूची में दर्ज गलतियों को सुधारने और अपात्र प्रविष्टियों की जांच करने का काम किया जाएगा। इसके लिए 1 जनवरी 2027 को पात्रता की तारीख निर्धारित की गई है। आइए समझते हैं कि SSR क्या है, इसकी प्रक्रिया कैसे पूरी होगी और मतदाता इसका लाभ कैसे उठा सकते हैं।

SSR क्या है और इसका मतलब क्या है?

SSR का पूरा नाम स्पेशल समरी रिवीजन (Special Summary Revision) है, जिसे हिंदी में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कहा जाता है। यह मतदाता सूची को अपडेट करने की प्रक्रिया है। इसके तहत पात्र नागरिकों के नाम जोड़े जाते हैं, मतदाताओं की जानकारी में गलतियां सुधारी जाती हैं और नियमों के अनुसार अपात्र प्रविष्टियों की जांच की जाती है। चुनाव आयोग ने यह प्रक्रिया उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार समेत 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शुरू करने का कार्यक्रम घोषित किया है।

Election Commission SSR: SIR और SSR में क्या अंतर है?

SIR यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन और SSR यानी स्पेशल समरी रिवीजन, मतदाता सूची के पुनरीक्षण की दो अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। SIR में मतदाता सूची का अधिक विस्तृत सत्यापन किया जाता है, जबकि SSR में मौजूदा मतदाता सूची को आधार बनाकर नाम जोड़ने, जानकारी सुधारने और प्रविष्टियों की जांच पर ध्यान दिया जाता है। SSR के तहत सामान्य तौर पर SIR की तरह घर-घर जाकर गणना करने की प्रक्रिया नहीं होती। दोनों का उद्देश्य मतदाता सूची को सही और अद्यतन बनाए रखना है, लेकिन इनके तरीके अलग हैं।

किन लोगों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने का मौका मिलेगा?

ऐसे भारतीय नागरिक जो मतदाता बनने की कानूनी शर्तें पूरी करते हैं, लेकिन उनका नाम मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, वे पंजीकरण के लिए आवेदन कर सकते हैं। 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले पात्र युवाओं के लिए भी नाम दर्ज कराने का अवसर होगा। इसके अलावा, जिन मतदाताओं के नाम, पते या अन्य विवरण में गलती है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं। चुनाव आयोग ने 2027 की आगामी पात्रता तिथियों के लिए भी अग्रिम आवेदन की सुविधा देने की बात कही है।

Election Commission SSR: नाम जोड़ने और सुधार के लिए कौन-से फॉर्म भरने होंगे?

मतदाता सूची में पहली बार नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 का इस्तेमाल किया जाता है। विदेश में रहने वाले पात्र भारतीय मतदाता फॉर्म-6ए के जरिए आवेदन कर सकते हैं। किसी नाम को मतदाता सूची में शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने या नियमों के अनुसार नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 का उपयोग होता है। वहीं, नाम, पता या अन्य विवरण में सुधार कराने और मतदाता पहचान पत्र से संबंधित बदलावों के लिए फॉर्म-8 भरा जाता है। आवेदन ऑनलाइन या निर्धारित निर्वाचन कार्यालय की प्रक्रिया के अनुसार किया जा सकता है।

SSR की तारीखें क्या हैं और कब जारी होगी अंतिम सूची?

चुनाव आयोग के घोषित कार्यक्रम के मुताबिक, मतदान केंद्रों के युक्तिकरण और पुनर्गठन की प्रक्रिया 2 नवंबर 2026 तक पूरी की जानी है। इसके बाद 12 नवंबर 2026 को मतदाता सूची का एकीकृत मसौदा प्रकाशित होगा। मसौदा सूची में नाम जोड़ने, सुधार कराने या आपत्ति दर्ज करने के लिए 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक का समय निर्धारित किया गया है। प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा। इसके बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

Election Commission SSR: मतदाता अपना नाम कैसे जांचें और किन नियमों का ध्यान रखें?

मतदाता चुनाव आयोग के आधिकारिक पोर्टल या संबंधित निर्वाचन कार्यालय के माध्यम से अपना नाम और विवरण जांच सकते हैं। यदि नाम सूची में नहीं है, तो पात्रता के अनुसार पंजीकरण के लिए आवेदन करना चाहिए। नाम, पता या अन्य जानकारी गलत होने पर संबंधित सुधार फॉर्म भरना जरूरी है। चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि आधार संख्या देना स्वैच्छिक है। केवल आधार उपलब्ध नहीं कराने के आधार पर किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल करने से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी तरह, किसी का नाम हटाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया और सत्यापन के नियमों का पालन करना होगा।

 

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