Ujjain Shahi Masjid Dispute: मध्य प्रदेश के उज्जैन में शाही मस्जिद विवाद के दौरान हुई हिंसा की जांच में पुलिस का फोकस सोशल मीडिया पर वायरल हुए AI वीडियो पर है। पुलिस के अनुसार, AI से बनाए गए एक वीडियो में शाही मस्जिद को पूरी तरह ध्वस्त दिखाया गया था। वीडियो के वायरल होने के बाद मस्जिद को तोड़े जाने की अफवाहों को हवा मिली और बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के आसपास जुट गए। पुलिस ने मामले में 100 से ज्यादा इंस्टाग्राम अकाउंट्स की जांच की है। वहीं, 3 पुलिस थानों में 20 लोगों के खिलाफ 8 FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें 5 कंटेंट क्रिएटर भी शामिल हैं।
Ujjain Shahi Masjid Dispute: हिंसा मामले में पुलिस की जांच का केंद्र AI वीडियो-
उज्जैन में शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग विरोध के लिए जुटे थे। पुलिस के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाकर्मियों पर पत्थरबाजी की गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और हल्का बल प्रयोग किया। हिंसा की जांच के दौरान पुलिस को सोशल मीडिया पर वायरल किए गए AI वीडियो मिले। इसके बाद इन वीडियो और उन्हें प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स को जांच का मुख्य केंद्र बनाया गया। पुलिस का कहना है कि वीडियो और अन्य भड़काऊ पोस्ट के प्रसार के बाद लोगों में आक्रोश बढ़ा और भीड़ मस्जिद के आसपास जमा हुई।
Ujjain Shahi Masjid Dispute: 100 से ज्यादा इंस्टाग्राम अकाउंट्स की जांच-
पुलिस ने हिंसा के मामले में 100 से ज्यादा इंस्टाग्राम अकाउंट्स की जांच की है। 3 पुलिस थानों में 20 लोगों के खिलाफ 8 FIR दर्ज की गई हैं। इनमें 5 कंटेंट क्रिएटर भी शामिल हैं। पुलिस इन लोगों पर सोशल मीडिया के जरिए AI से तैयार वीडियो और अन्य भड़काऊ पोस्ट प्रसारित करने के आरोपों की जांच कर रही है। साथ ही, वायरल हुए AI वीडियो के मूल सोर्स का पता लगाने का प्रयास भी जारी है।
CCTV और ड्रोन से भी रखी जा रही नजर-
उज्जैन SP प्रदीप शर्मा के अनुसार, इलाके में CCTV कैमरे लगाए गए हैं और ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई है। इसका उद्देश्य पत्थरबाजी में शामिल लोगों की पहचान करना और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करना है। पुलिस ने 15 लोगों को हिरासत में लिया है, जबकि कुछ लोगों की गिरफ्तारी भी की गई है। पुलिस सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर बनाए हुए है।
प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की-
प्रशासन और उज्जैन शहर के काजी खलील-उर-रहमान ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और मस्जिद के आसपास भीड़ जमा नहीं करने की अपील की है। बताया गया है कि मस्जिद से जुड़े मुद्दे को रविवार रात दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से सुलझा लिया। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और पुलिस को सहयोग करने की अपील की है, ताकि इलाके में कानून-व्यवस्था कायम रहे।
सड़क चौड़ीकरण को लेकर शुरू हुआ था विवाद-
उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह के अनुसार, वर्ष 2028 में उज्जैन में सिंहस्थ पर्व होना है। इसी को देखते हुए तीर्थयात्रियों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए कंथल क्रॉसिंग से गोपाल मंदिर तक जाने वाली सड़क को 15 मीटर तक चौड़ा किया जा रहा है। इस परियोजना से 7 धार्मिक स्थलों समेत 272 जगहें प्रभावित हो सकती हैं। इसके लिए राज्य सरकार ने 9.8 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। प्रशासन के अनुसार, इस काम में अलग-अलग धार्मिक समुदायों के लोग स्वेच्छा से अपने घरों और धार्मिक स्थलों के रास्ते में आने वाली बाधाओं को हटा रहे हैं। हालांकि, शाही मस्जिद के एक हिस्से को हटाने का मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों ने विरोध किया। इसी को लेकर रविवार को विवाद और हिंसा की स्थिति बनी।
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