Up Bullet Train: उत्तर प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी को लेकर एक बड़ी योजना सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुलेट ट्रेन नेटवर्क के नॉर्दर्न कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 31 अक्टूबर 2026 को वाराणसी में इसकी जानकारी देते हुए बताया कि यह कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर आगरा, कानपुर, लखनऊ और अयोध्या को जोड़ेगा। इसके बाद यह वाराणसी, पटना और सिलीगुड़ी होते हुए गुवाहाटी तक पहुंचेगा। इस परियोजना से उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों के बीच यात्रा का समय कम होने और व्यापार, पर्यटन तथा रोजगार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
दिल्ली से आगरा तक सिर्फ 59 मिनट में सफर
प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर में दिल्ली से आगरा की यात्रा लगभग 59 मिनट में पूरी होने का अनुमान है। अभी सड़क और सामान्य रेल मार्ग से इस दूरी को तय करने में इससे अधिक समय लगता है। आगरा पर्यटन के लिहाज से देश के प्रमुख शहरों में शामिल है। ताजमहल और अन्य ऐतिहासिक स्थलों को देखने आने वाले पर्यटकों को तेज रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिल सकता है। इसके अलावा आगरा और दिल्ली के बीच नौकरी, कारोबार और शिक्षा के लिए आने-जाने वाले लोगों को भी सुविधा मिलेगी।
Up Bullet Train: कानपुर और लखनऊ की दूरी होगी कम
रेल मंत्री के मुताबिक, दिल्ली से कानपुर का सफर करीब 1 घंटे 45 मिनट और दिल्ली से लखनऊ की यात्रा 2 घंटे 12 मिनट में पूरी हो सकेगी। लखनऊ से वाराणसी के बीच प्रस्तावित यात्रा समय 1 घंटा 21 मिनट बताया गया है। इससे प्रदेश की राजधानी का औद्योगिक और व्यापारिक शहरों से संपर्क बेहतर हो सकता है। कानपुर के उद्योगों, लखनऊ के प्रशासनिक केंद्र और आसपास के कारोबार को तेज परिवहन सुविधा का लाभ मिलने की संभावना है।
अयोध्या और वाराणसी को मिलेगा कनेक्टिविटी का लाभ
इस कॉरिडोर में अयोध्या और वाराणसी को भी शामिल किया गया है। दोनों शहर धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र हैं। अयोध्या में राम मंदिर और वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर के कारण देशभर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। तेज रेल कनेक्टिविटी से इन शहरों तक पहुंचना आसान हो सकता है। हालांकि, अयोध्या से दूसरे शहरों के बीच यात्रा का सटीक समय अभी घोषित नहीं किया गया है।
Up Bullet Train: व्यापार, रोजगार और पर्यटन को मिल सकती है गति
बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से बड़े शहरों के बीच यात्रा का समय कम होने पर कारोबारियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और पर्यटकों को फायदा मिल सकता है। छोटे उद्योगों और MSME क्षेत्र के लिए भी बेहतर परिवहन सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है। रेल मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से मध्यम वर्ग, युवाओं और छोटे उद्यमियों को लाभ मिलेगा। तेज कनेक्टिविटी से शहरों के बीच आर्थिक गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
कब तक शुरू होगी बुलेट ट्रेन?
रेल मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री ने नॉर्दर्न कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है और आने वाले वर्षों में इसके निर्माण की योजना है। हालांकि, अभी परियोजना की विस्तृत समयसीमा, कुल लागत और निर्माण शुरू होने की तारीख सार्वजनिक नहीं की गई है। प्रस्तावित यात्रा समय भी कॉरिडोर के पूरा होने के बाद का अनुमान है। इसलिए यात्रियों को इस सुविधा के लिए निर्माण और संचालन से जुड़ी आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करना होगा।
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