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लखीमपुर में 331 बांग्लादेशी हिंदू परिवारों को भूमि आवंटन, CM योगी बोले- ‘पाकिस्तान और टुकड़ों में बंटेगा’

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UP News: आज शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक कार्यक्रम के दौरान बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों को भूमि के पट्टे वितरित किए। ये परिवार कथित रूप से उत्पीड़न के कारण भारत में शरण लेकर रह रहे हैं। ‘भूमिधरी अधिकार पत्र’ कार्यक्रम के तहत उन्हें आधिकारिक आवंटन पत्र सौंपे गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का विभाजन ऐतिहासिक रूप से गंभीर परिणामों का कारण बना और इसका प्रभाव कई समुदायों पर पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि पड़ोसी देशों में हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैनियों, पारसियों और ईसाइयों को उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है।

भौमिक अधिकार पट्टों का आवंटन

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए इन परिवारों की संपत्तियों पर वहां अवैध कब्जे किए गए। उन्होंने आश्वासन दिया कि उत्तर प्रदेश सरकार ऐसे परिवारों के पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन के लिए प्रतिबद्ध है।सीएम योगी ने चंदन चौकी (पलिया) में आयोजित कार्यक्रम में नदियों द्वारा भूमि क्षरण से प्रभावित पूर्वी उत्तर प्रदेश के 2350 परिवारों व थारू जनजाति के 4356 परिवारों को भौमिक अधिकार पट्टों का आवंटन किया और पलिया, श्रीनगर, निघासन व गोला गोकर्णनाथ विधानसभा क्षेत्रों की 817 करोड़ रुपए की 314 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया। उन्होंने थारू जनजाति के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुति देखी और अपनी संस्कृति को बचाकर रखने के लिए उनकी सराहना भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चा शासन वही है, जहां प्रजा सुखी हो। जनता के कल्याण में शासन का कल्याण है। शासन की खुशी का आधार व्यक्तिगत अभिलाषा का पूर्ण होना नहीं, बल्कि जनता-जनार्दन की खुशी है। यह कार्य तभी होता है, जब सत्ता में संवेदना होती है और सेवा के माध्यम से यह जनता-जनार्दन तक पहुंचती है।

UP News: चंदन चौकी जनपद का गौरव

यह कार्यक्रम अधिकार से आत्मनिर्भरता, आत्मनिर्भरता से आत्मसम्मान की ऐतिहासिक यात्रा भी है, क्योंकि आज अधिकार के साथ आत्मसम्मान व आत्मनिर्भरता की गारंटी भी मिल रही है। जनता ने हमें अधिकार दिया तो हम उसे अधिकार पत्र दे रहे हैं। सीएम ने कहा कि पूर्वी उप्र के स्वाधीनता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को यहां बसाया गया था। आपकी तीन-तीन पीढ़ियां चली गईं, लेकिन कभी हक नहीं मिल पाया। दशकों की अधूरी यात्रा आज पुनर्वास कार्यक्रम के साथ बढ़ रही है। जब जनता और सरकार के बीच में विश्वास का सेतु बनता है तो वही विश्वास अधिकार बनकर धरातल पर उतरता है। चंदन चौकी इस जनपद का गौरव है। यहां वनवासी संस्कृति की जड़ें, स्वाभिमान और तराई की उर्वरता साथ फलती-फूलती है। चंदन चौकी व आसपास दर्जनों थारू बाहुल्य गांव हैं, जो पहचान के लिए मोहताज थे। कभी वन, पुलिस व राजस्व विभाग द्वारा उन्हें प्रताड़ित किया जाता था। शौर्य व वीरता के साथ अपने इतिहास को जोड़ने वाला थारू समाज पहले पहचान के लिए मोहताज था, लेकिन आज उसे अधिकार पत्र मिल रहा है और यही डबल इंजन सरकार की ताकत और स्पीड है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए लोगों ने देश की आजादी के लिए सब कुछ खोया। अंग्रेजों ने इन्हें यातनाएं (काला पानी, देश निकाला, फांसी) दीं। आजादी के बाद तत्कालीन सरकार ने उन्हें बसाया तो, लेकिन जमीन का हक उपलब्ध नहीं कराया। देश की आजादी में योगदान देने वाले लोग आजाद भारत में अपने अधिकार से वंचित थे। 1976 में थारू समाज को इन गांवों में जमीन देने की बात कही गई थी, लेकिन उन्हें जमीन का स्वामित्व नहीं मिला। 1955 में पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को भी मालिकाना हक नहीं मिल पाया। सीएम ने कई दशकों से इन लोगों की सुनवाई न होने पर पिछली सरकारों को जमकर आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में संवेदना का अभाव था। ये लोग परिवारवाद से ऊपर उठते तो थारू व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों के बारे में सोच पाते, लेकिन समाज को बांटने व संसाधनों पर डकैती डालने वालों से अधिकार मिलने की उम्मीद करना बेमानी है। आज 4356 थारू परिवारों को 5338 हेक्टेयर भूमि का अधिकार पत्र सौंपा गया है।

आपदा राहत कोष से पैसा होगा उपलब्ध

1955 में पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए लोगों को तत्कालीन सरकार में हक नहीं मिला, लेकिन ऐसे 2350 परिवारों को आज 4251 हेक्टेयर भूमि का भौमिक अधिकार मिल रहा है। जो कभी नहीं हुआ, वह कार्य डबल इंजन सरकार कर रही है। उन्होंने विधायक रोमी साहनी की मांगों को लिखित में शासन को भेजने के लिए कहा। सीएम ने उनसे यह भी कहा कि बेकरी व्यवसाय को चंदन चौकी और आसपास के क्षेत्र में विस्तार दीजिए, जिससे थारू समाज द्वारा संचालित स्वयं सहायता समूहों को साथ जोड़कर आपकी बेकरी के उत्पाद तराई क्षेत्र के साथ-साथ उत्तराखंड भी भेजे जा सकें। यहां 300 से अधिक महिला स्वयंसेवी समूह कार्य कर रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि असमय ओलावृष्टि व अतिवृष्टि के कारण किसानों को भारी क्षति हुई है। हमने जल्द ही सर्वे रिपोर्ट मांगी है। पीड़ित किसानों को फसल बीमा योजना, आपदा राहत कोष से पैसा उपलब्ध कराएंगे। जनहानि, पशुहानि होने पर 24 घंटे में सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया गया है।

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