UP News: उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के एस्कॉर्ट में तैनात सिपाही प्रशांत राय (29) को पुलिस ने युवती के साथ दुष्कर्म, गर्भपात कराने, मारपीट और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी हड़कंप मच गया है।
चार साल तक शोषण का आरोप
पीड़िता का आरोप है कि प्रशांत राय ने करीब चार साल पहले उससे संपर्क बढ़ाया और शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। धीरे-धीरे दोनों के बीच संबंध गहरे होते गए और आरोपी ने सारनाथ क्षेत्र में किराए का कमरा लेकर उसे अपने साथ रखने लगा। युवती का कहना है कि वह पिछले दो साल से आरोपी के साथ पत्नी की तरह रह रही थी। पीड़िता के मुताबिक, इस दौरान वह दो बार गर्भवती हुई। पहली बार करीब छह महीने पहले जब वह गर्भवती हुई तो आरोपी उसे मिर्जापुर ले गया और सामाजिक बदनामी का डर दिखाकर गर्भपात करा दिया। इसके बाद कुछ समय तक दोनों के बीच विवाद रहा, लेकिन आरोपी ने फिर शादी का भरोसा देकर संबंध बनाए रखे। कुछ ही समय बाद युवती दोबारा गर्भवती हो गई, लेकिन इस बार भी आरोपी ने उसे स्वीकार करने के बजाय अपनी शादी कहीं और तय कर ली।

UP News: गुपचुप शादी का खुलासा सोशल मीडिया से
आरोप है कि सिपाही ने 25 अप्रैल को प्रयागराज में दूसरी युवती से चुपचाप शादी कर ली। वह शादी के लिए छुट्टी लेकर गया था, लेकिन इस दौरान भी पीड़िता के संपर्क में बना रहा और उसे सच्चाई नहीं बताई। शादी का खुलासा तब हुआ जब पीड़िता को सोशल मीडिया पर उसकी शादी की तस्वीरें मिलीं। इसके बाद उसने आरोपी से जवाब मांगा, लेकिन वह गोलमोल बातें कर उसे फिर से बहलाने की कोशिश करता रहा। लगातार धोखे और शोषण से परेशान होकर पीड़िता 4 मई को सारनाथ थाना पहुंची और लिखित शिकायत दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और आरोपी सिपाही को पूछताछ के लिए बुलाया।
मामले में पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान जब आरोपी के सामने पीड़िता के साथ उसके फोटो और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) रखे गए तो वह उलझ गया और अंततः अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, प्रशांत राय पिछले दो साल से कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के गनर के रूप में तैनात था। वह मूल रूप से मिर्जापुर जिले के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के चंद्रगढ़ गांव का निवासी है और करीब 8 साल पहले पुलिस सेवा में भर्ती हुआ था। गाजीपुर पुलिस लाइन समेत कई थानों में तैनाती के बाद उसे मंत्री की सुरक्षा में लगाया गया था। मामले के सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने आरोपी के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। उसके निलंबन और विभागीय कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट भेज दी गई है।
सारनाथ थाना प्रभारी पंकज राय ने बताया कि आरोपी शादी के लिए अवकाश पर गया था। पीड़िता की शिकायत के बाद जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल उसे कोर्ट में पेश करने की तैयारी की जा रही है। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। मामले में अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में और तथ्य सामने आते हैं तो आरोपी के खिलाफ अतिरिक्त धाराएं भी बढ़ाई जा सकती हैं।
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