UP News: अमरोहा जनपद में बिना प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की एनओसी और खनन रॉयल्टी जमा किए संचालित हो रहे अवैध ईंट भट्टों के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की मांग जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में थाना व तहसील नौगांवा सादात क्षेत्र के ग्राम खण्डसाल कलां निवासी दुजेन्द्र सिंह ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर बड़े स्तर पर अनियमितताओं का आरोप लगाया है।
पहले भी दी गई थी शिकायत
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्होंने 10 फरवरी को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर कई ईंट भट्टों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की थी। इनमें दिलावर ईंट उद्योग, लक्ष्मी ईंट उद्योग (सिरसा खुमार) तथा अनमोल ईंट उद्योग (सिनौरा) समेत अन्य इकाइयों के नाम शामिल थे। दुजेन्द्र सिंह का आरोप है कि प्रशासन की ओर से केवल औपचारिक कार्रवाई की गई, लेकिन संबंधित भट्टों का संचालन आज भी जारी है। उनका कहना है कि नियमों की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर ईंटों का उत्पादन और निकासी की जा चुकी है।
UP News: दोबारा उठाई जांच की मांग
23 फरवरी को उन्होंने पुनः जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर जनपद में संचालित सभी अवैध भट्टों की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में जिन भट्टों का उल्लेख किया गया है, उनमें गरीब नवाज ईंट उद्योग (कमालपुर जैद), बाबा ईंट उद्योग (भवालपुर), पारस ईंट उद्योग (कनपुरा), अनमोल ईंट उद्योग (सिनौरा), दिलावर ईंट उद्योग (सिरसा खुमार), मलिक ईंट उद्योग (नगलिया टोकरा, धनौरा), अशरफ ईंट उद्योग (मुढा, धनौरा), त्यागी ईंट उद्योग (सुजमना, धनौरा), शिव ब्रिक वर्क्स (घुचैला कला, धनौरा), चौधरी ईंट उद्योग व बालाजी ईंट उद्योग (पेली तंगा, धनौरा), शोसल ईंट उद्योग तथा इंडियन ईंट उद्योग (कनपुरा) शामिल बताए गए हैं।

शिकायतकर्ता का कहना है कि जनपद में करीब 50 से अधिक ईंट भट्टे बिना वैध अनुमति के संचालित हो रहे हैं। बिना खनन रॉयल्टी और जीएसटी जमा किए संचालन से प्रदेश सरकार को भारी राजस्व हानि हो रही है। साथ ही, बिना प्रदूषण एनओसी के संचालन से पर्यावरणीय नियमों का भी उल्लंघन हो रहा है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की अपेक्षा
दुजेन्द्र सिंह ने मांग की है कि सभी संदिग्ध भट्टों की संयुक्त टीम बनाकर जांच कराई जाए और जिन इकाइयों के पास वैध दस्तावेज न हों, उन्हें तत्काल सील किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो उच्चाधिकारियों से शिकायत की जाएगी। इस मामले में प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल राजस्व चोरी का मामला होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण कानूनों के उल्लंघन का भी गंभीर विषय बनेगा।
Report BY: मौ. अज़ीम






