UP News: बाराबंकी के रामनगर तहसील में मंगलवार को एक अनोखा मामला सामने आया, जहां भतीजी की शादी के लिए गैस सिलेंडर की मांग लेकर पहुंचे एक व्यक्ति ने एसडीएम पर अभद्र व्यवहार और जेल भेजने की धमकी देने का आरोप लगाया। घटना के बाद तहसील परिसर में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया। हालांकि प्रशासन ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि मौके पर भीड़ जमा होने से कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका थी, इसलिए पुलिस को बुलाया गया।
अब जानिए पूरा मामला?
मामला रामनगर क्षेत्र के बढ़नपुरवा गांव निवासी शिवमोहन का है। उन्होंने बताया कि उनकी भतीजी अनीता की शादी बुधवार को होनी है और घर में बारात आने वाली है। शादी की तैयारियों के बीच उन्हें रसोई गैस सिलेंडर की तत्काल जरूरत थी। शिवमोहन के अनुसार, उन्होंने करीब एक सप्ताह पहले केसरीपुर स्थित श्री लोधेश्वर इंडियन गैस एजेंसी में सिलेंडर बुक कराया था। उन्हें डीएसी (DAC) नंबर भी जारी कर दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद कई दिनों तक सिलेंडर की डिलीवरी नहीं हुई। उनका कहना है कि वे लगातार गैस एजेंसी के चक्कर लगाते रहे, लेकिन हर बार उन्हें आश्वासन देकर वापस भेज दिया गया।

UP News: तहसील परिसर में लोगों की भीड़
मंगलवार सुबह भी जब सिलेंडर नहीं मिला, तो शिवमोहन अपनी समस्या लेकर रामनगर तहसील पहुंच गए। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब उन्होंने एसडीएम आनंद तिवारी से अपनी बात रखने की कोशिश की, तो अधिकारियों और फरियादी के बीच कहासुनी हो गई। शिवमोहन का आरोप है कि समस्या का समाधान करने के बजाय उन्हें जेल भेजने की धमकी दी गई। घटना की जानकारी फैलते ही तहसील परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई और कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
जबकि इस मामले में रामनगर तहसील के उप जिलाधिकारी अनिल कुमार तिवारी ने बताया कि मौके पर 10 से 15 लोग एक साथ पहुंचकर सिलेंडर उपलब्ध कराने का दबाव बना रहे थे। उन्हें समझाया गया कि लिखित आवेदन देने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। डीएसी नंबर को लेकर कुछ लोग असंतोष जता रहे थे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण होने लगी। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को बुलाया गया। प्रशासन ने यह भी कहा कि बाद में संबंधित परिवार को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के लिए सप्लाई इंस्पेक्टर से बात करने के निर्देश दिए गए, ताकि शादी की तैयारियों में कोई बाधा न आए।
ये भी पढ़े… कानपुर से ‘लापता’ हुए 118 पुलिसकर्मी? अफसरों ने भेजा नोटिस तो खुला ये राज…








