UP News: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने प्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में अब तक का सबसे कड़ा और बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने तंबाकू और उससे बने उत्पादों के खिलाफ एक तरह की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ छेड़ दी है। नए शासनादेश के अनुसार, अब प्रदेश के सभी सरकारी कार्यालयों को पूर्णतः ‘तंबाकू मुक्त’ (Tobacco Free) घोषित किया जाएगा। यह फैसला न केवल जनस्वास्थ्य के नजरिए से अहम है, बल्कि दफ्तरों की कार्यशैली और स्वच्छता में भी क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
सरकारी दफ्तरों में अब ‘नो टोबैको’
योगी सरकार के इस फैसले के बाद, प्रदेश के सचिवालय से लेकर ब्लॉक स्तर तक के सभी सरकारी कार्यालयों में तंबाकू, गुटखा, पान मसाला और सिगरेट के सेवन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई कर्मचारी या आगंतुक दफ्तर परिसर में धूम्रपान या तंबाकू का सेवन करते पाया गया, तो उस पर भारी जुर्माने के साथ-साथ दंडात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। भविष्य की पीढ़ी को नशे के जाल से बचाने के लिए सरकार ने शिक्षा के स्तर पर भी बड़ा बदलाव किया है। अब यूपी के स्कूलों में ‘एंटी-टोबैको चैप्टर’ (Anti-Tobacco Chapter) अनिवार्य कर दिया गया है। इसके माध्यम से बच्चों को बचपन से ही तंबाकू के जानलेवा नुकसानों और इससे होने वाली बीमारियों (जैसे कैंसर) के प्रति जागरूक किया जाएगा।
सरकार ने तंबाकू उत्पादों की बिक्री को नियंत्रित करने के लिए एक बेहद कड़ा प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव के तहत दुकानों के बीच दूरी: दो तंबाकू बेचने वाली दुकानों के बीच अब कम से कम 500 मीटर की दूरी होना अनिवार्य करने का प्रस्ताव है। शिक्षण संस्थानों से दूरी: स्कूल-कॉलेजों के आसपास तंबाकू की बिक्री पर पहले से ही सख्ती है, जिसे अब और अधिक विस्तार दिया जाएगा। विशेष अभियान: युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए कॉलेजों में विशेष जागरूकता अभियान और सेमिनार आयोजित किए जाएंगे।
UP News: नशे के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’
स्क्रिप्ट ब्यूरो संजय कुमार राठौर की रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को ‘हेल्दी स्टेट’ बनाना है। तंबाकू के कारण होने वाले ओरल कैंसर और फेफड़ों की बीमारियों के बढ़ते आंकड़ों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस फैसले से न केवल करोड़ों रुपये के स्वास्थ्य बजट की बचत होगी, बल्कि प्रदेश की कार्यसंस्कृति में भी सुधार आएगा। सरकार के इस फैसले का स्वास्थ्य संगठनों और जागरूक नागरिकों ने स्वागत किया है। हालांकि, इसकी सफलता जमीनी स्तर पर इसके क्रियान्वयन और अधिकारियों की कड़ाई पर निर्भर करेगी। योगी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि तंबाकू मुक्त यूपी का सपना अब केवल नारा नहीं, बल्कि धरातल पर दिखने वाली हकीकत होगा।
Report BY: संजय कुमार






