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तिरंगे में लिपटकर घर लौटा सुलतानपुर का लाल, पूरे गांव की आंखें नम

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UP Shaheed Akhilesh Shukla: उत्तर प्रदेश के सुलतानपुर जिले के मझना गांव में शुक्रवार सुबह ऐसा मंजर देखने को मिला, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। सरहद पर देश की रक्षा करने वाला बेटा अखिलेश शुक्ला इस बार अपने घर लौटा, लेकिन तिरंगे में लिपटा हुआ। इकलौते बेटे की शहादत की खबर सुनते ही पूरा गांव गम में डूब गया। हर कोई शहीद परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचा, लेकिन मां-पिता और बहनों के आंसुओं ने माहौल को और भी दर्दनाक बना दिया।

गांव में पसरा मातम और उमड़ी भीड़

जब शहीद अखिलेश शुक्ला का पार्थिव शरीर गांव के पूरे वैसी का पुरवा पहुंचा, तो पूरे इलाके में मातम छा गया। जिस आंगन में कभी खुशियां गूंजती थीं, वहां आज सन्नाटा पसरा था। अंतिम दर्शन के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। “भारत माता की जय” और “अखिलेश शुक्ला अमर रहें” के नारों से पूरा माहौल गूंज उठा।

UP Shaheed Akhilesh Shukla: सर्च ऑपरेशन में लगी गोली

अखिलेश शुक्ला जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा में तैनात थे। 28 मार्च 2026 की रात सर्च ऑपरेशन के दौरान उन्हें गोली लग गई थी। गंभीर हालत में उन्हें दिल्ली के आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां 8 अप्रैल को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। देश की सेवा करते हुए उनकी शहादत ने पूरे क्षेत्र को गर्व और शोक दोनों से भर दिया।

UP Shaheed Akhilesh Shukla: फौजी परिवार से था गहरा नाता

अखिलेश का परिवार भी देश सेवा से जुड़ा रहा है। उनके पिता राधेकृष्ण शुक्ला भारतीय सेना से रिटायर्ड हैं। दो बहनों के बीच वह इकलौते भाई थे। उनकी बड़ी बहन प्रियंका दिल्ली पुलिस में कार्यरत हैं, जबकि छोटी बहन शिवानी सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रही हैं।

सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई

अंतिम संस्कार के दौरान सेना के जवानों ने पूरे सैन्य सम्मान के साथ अखिलेश को अंतिम सलामी दी। बंदूकों की गूंज और बिगुल की धुन के बीच जब उनका अंतिम संस्कार हुआ, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। मां का रुदन और पिता की खामोश निगाहें इस बलिदान की गहराई को बयां कर रही थीं।

शादी में आए थे, फिर लौटे शहीद बनकर

UP Shaheed Akhilesh Shukla: परिवार के अनुसार, अखिलेश 22 मार्च को घर में आयोजित एक शादी में शामिल होने आए थे और 25 मार्च को ड्यूटी के लिए लौट गए थे। लेकिन 28 मार्च की रात सर्च ऑपरेशन के दौरान उन्हें गोली लग गई। उनकी शहादत को नमन करने के लिए क्षेत्र के युवाओं ने बाइक रैली भी निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि दी।

 

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