US Iran Peace Talks: जेडी वेंस के नेतृत्व में पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता बेनतीजा रही। करीब 20 घंटे से ज्यादा चली बातचीत के बाद भी दोनों पक्ष किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
लंबी बातचीत के बाद भी नहीं बनी बात
वार्ता का उद्देश्य मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष को खत्म कर स्थायी शांति स्थापित करना था, लेकिन दोनों देशों के बीच मतभेद दूर नहीं हो सके। अमेरिकी पक्ष ने अपनी शर्तों को स्पष्ट रखा, जबकि ईरान ने उन्हें स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
US Iran Peace Talks: ईरान का सख्त रुख
ईरानी सेना के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ुल्फिकारी ने साफ कहा कि ईरान किसी भी “सरेंडर” जैसी शर्त को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि देश अपनी शर्तों से पीछे नहीं हटेगा और किसी भी दबाव में समझौता नहीं करेगा।
उच्चस्तरीय वार्ता पर टिकी थी दुनिया की नजर
यह बैठक 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद दोनों देशों के बीच पहली प्रत्यक्ष उच्चस्तरीय बातचीत मानी जा रही थी। पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुई इस वार्ता को बेहद अहम माना जा रहा था और पूरी दुनिया की नजर इस पर टिकी हुई थी।
US Iran Peace Talks: कड़ी सुरक्षा के बीच हुई बैठक
इस्लामाबाद में वार्ता के दौरान भारी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। हजारों सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ रेड अलर्ट घोषित किया गया था, जिससे इस बातचीत की संवेदनशीलता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
तनाव बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि वार्ता के विफल होने से क्षेत्र में जारी तनाव और गहरा सकता है। शांति समझौते की उम्मीदों को झटका लगने के बाद अब आगे की रणनीति पर सभी की नजरें टिकी हैं।








