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महिला आरक्षण बिल पर 16 अप्रैल का ऐतिहासिक सत्र, PM मोदी ने विपक्ष से समर्थन की अपील

महिलाओं को मिलेगा संसद में 33% सीट
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Women Reservation Bill: भारत के संसदीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ आने वाला है। 16 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा और उसे पारित कराने की कोशिश की जाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे सिर्फ एक विधायी कदम नहीं बल्कि करोड़ों भारतीय महिलाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं का सशक्त रूप बताया है।

प्रधानमंत्री ने अपने लेख ‘आइए, हम मिलकर नारी शक्ति को सशक्त करें’ में लिखा कि महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में आरक्षण देना आज की जरूरत है। उन्होंने कहा, “इससे हमारा लोकतंत्र और अधिक सक्रिय और सहभागी बनेगा। आरक्षण में किसी भी तरह की देरी दुर्भाग्यपूर्ण होगी।”

Women Reservation Bill:  महिलाओं को मिलेगा संसद में 33% सीट
महिलाओं को मिलेगा संसद में 33% सीट

कैबिनेट ने दी मंजूरी, विशेष सत्र में पेश होगा विधेयक

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक दिन पहले ही लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीट आरक्षित करने वाले विधेयकों को मंजूरी दे दी थी। अब इसे 16 अप्रैल से शुरू होने वाले संसद के विशेष सत्र में पेश किया जाएगा। असम के बारपेटा में प्रधानमंत्री मोदी ने महिला आरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि यह भारतीय जनता पार्टी की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि विकसित भारत के निर्माण में संसद और विधानसभा में महिलाओं की निर्णायक भूमिका आवश्यक है।

विपक्ष से समर्थन की अपील

प्रधानमंत्री ने अपने लेख में विपक्षी दलों से भी इस विधेयक के समर्थन की अपील की। उन्होंने लिखा, “संसद का यह ऐतिहासिक सत्र अब करीब है। मैं सभी दलों से आग्रह करता हूं कि नारी शक्ति के लिए इस महत्वपूर्ण कदम का समर्थन करें। आइए, हम जिम्मेदारी और दृढ़ संकल्प के साथ इसे पूरा करें।”

Women Reservation Bill: दो विधेयकों की तैयारी

सरकार महिला आरक्षण के लिए दो विधेयक लाने की योजना बना रही है। पहला विधेयक संविधान संशोधन से जुड़ा है, जो लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाकर महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने का ढांचा देगा। इसमें अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षण भी शामिल है।दूसरा विधेयक परिसीमन आयोग की स्थापना से संबंधित है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, सरकार कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों से बातचीत जारी रखे हुए है।

सीटों की संख्या बढ़ाने पर विचार

महिला आरक्षण को प्रभावी बनाने के लिए सरकार लोकसभा की सीटों में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि पर भी विचार कर रही है। इससे आरक्षण लागू होने पर प्रतिनिधित्व का संतुलन बना रहेगा।

सितंबर 2023 में संसद ने सर्वसम्मति से नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था। इसे महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना गया। अब सरकार इसे लागू करने की दिशा में निर्णायक कदम उठा रही है।

Women Reservation Bill: राजनीतिक सहमति की कोशिशें

बजट सत्र के दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने विभिन्न दलों से बातचीत कर इस मुद्दे पर व्यापक राजनीतिक सहमति बनाने की कोशिश की।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह विधेयक पारित और लागू होता है, तो संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की भागीदारी नई ऊँचाई पर पहुंचेगी। नीति-निर्माण में भी महिलाओं की भूमिका ऐतिहासिक रूप से बढ़ेगी। 16 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र तय करेगा कि क्या महिला आरक्षण भारत के लोकतंत्र को एक नई दिशा देगा।

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