America Iran Ceasefire: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्पष्ट रूप से कहा कि लेबनान को अमेरिका और ईरान के बीच चल रही संघर्ष-विराम वार्ता में शामिल करने का कोई प्रस्ताव या वादा कभी नहीं किया गया। यह बयान ऐसे समय आया है जब दोनों देशों के बीच अस्थायी संघर्ष-विराम लागू हुआ है।
हंगरी से रवाना होने से पहले पत्रकारों से बात करते हुए वेंस ने बताया कि शांति प्रस्ताव में लेबनान को शामिल करने का कोई सवाल ही नहीं था। उनका कहना था कि यह संघर्ष-विराम मुख्य रूप से ईरान, और अमेरिका के सहयोगी देशों जैसे इजरायल और खाड़ी के अरब देशों पर केंद्रित है।

“न तो वादा किया गया, न ही कोई संकेत”
वेंस ने साफ कहा, “हमने कभी ऐसा वादा नहीं किया। न ही हमने कभी संकेत दिया कि लेबनान इसमें शामिल होगा। हमारी प्राथमिकता केवल ईरान और हमारे सहयोगी देशों पर ही थी।”
पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ीं
इस बयान के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के लिए स्थिति कठिन हो गई, क्योंकि उन्होंने दावा किया था कि लेबनान भी शांति समझौते का हिस्सा है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस दावे को पूरी तरह खारिज किया।
America Iran Ceasefire: पाकिस्तान का प्रयास और उसकी किरकिरी
पाकिस्तान ने खुद को अमेरिका और ईरान के बीच शांतिदूत के रूप में पेश करने की कोशिश की थी। लेकिन ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, असल में व्हाइट हाउस ने ही पाकिस्तान को ईरान के साथ अस्थायी संघर्ष-विराम समझौता करवाने के लिए आगे बढ़ाया था।
इससे पाकिस्तान के स्वतंत्र कूटनीतिक रुख पर सवाल उठते हैं। रिपोर्ट में यह संकेत मिला है कि पाकिस्तान कोई तटस्थ मध्यस्थ नहीं था, बल्कि अमेरिका के लिए एक सुविधाजनक माध्यम के रूप में कार्य कर रहा था।
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