Women Reservation Bill: मोदी सरकार आज संसद में तीन बड़े विधेयक पेश करने जा रही है, जिन्हें देश की राजनीति और महिलाओं की भागीदारी के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इन विधेयकों में महिला आरक्षण से जुड़ा संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक 2026 शामिल हैं। इनका मकसद 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून को पूरी तरह लागू करना है।
संसद में आज पेश होंगे तीन अहम बिल
लोकसभा में आज इन तीनों बिलों को पेश किया जाएगा। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल पहले दो विधेयक पेश करेंगे, जबकि तीसरा बिल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा रखा जाएगा।
लोकसभा में इन बिलों पर चर्चा के लिए 18 घंटे तय किए गए हैं। चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। 17 अप्रैल को चर्चा के बाद वोटिंग होगी। इसके बाद 18 अप्रैल को राज्यसभा में बिल पेश होंगे, जहां 10 घंटे चर्चा और उसी दिन मतदान होगा।

विपक्ष क्यों कर रहा है विरोध
सरकार जहां इन बिलों को लेकर पूरी तरह तैयार है, वहीं विपक्ष ने विरोध का रुख अपनाया है। विपक्ष का कहना है कि वह महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ने पर उसे आपत्ति है।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि बिल का विरोध करने की कीमत उसे चुकानी पड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष को संसद में अपनी बात रखनी चाहिए, न कि हंगामा करना चाहिए।
Women Reservation Bill: सपा ने बुलाई सांसदों की बैठक
समाजवादी पार्टी ने भी इस मुद्दे पर रणनीति बनाई है। पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने संसद भवन में अपने सांसदों की बैठक बुलाई है। पार्टी की मांग है कि महिला आरक्षण मौजूदा सीटों के आधार पर लागू किया जाए।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के आह्वान पर लोगों ने काले झंडे लगाकर विरोध जताया। डीएमके नेताओं ने काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार दक्षिणी राज्यों के साथ भेदभाव कर रही है।
पीएम मोदी का संदेश
संसद सत्र से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह कदम महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। उन्होंने माताओं-बहनों के सम्मान को राष्ट्र के सम्मान से जोड़ा।विपक्षी दलों के नेता राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में बैठक करेंगे, जहां आगे की रणनीति तय की जाएगी।
आज से शुरू हो रही संसद की विशेष बैठक में हमारा देश नारी सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहा है। हमारी माताओं-बहनों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है और यही भावना लेकर हम इस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं।
व्युच्छन्ती हि रश्मिभिर्विश्वमाभासि रोचनम्।
ता त्वामुषर्वसूयवो… pic.twitter.com/8KWT1WLSje
— Narendra Modi (@narendramodi) April 16, 2026
अगर ये बिल पास हो जाते हैं, तो लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर करीब 850 हो सकती हैं। इनमें लगभग 33 प्रतिशत यानी करीब 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
Women Reservation Bill: राहुल गांधी ने उठाए सवाल
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि पुराने जनगणना आंकड़ों के आधार पर बिल लाकर ओबीसी महिलाओं के अधिकारों को नजरअंदाज किया जा रहा है। साथ ही छोटे राज्यों की हिस्सेदारी कम होने की आशंका भी जताई गई है।
जानें विपक्ष की प्रमुख मांगें
विपक्ष ने साफ किया है कि वह बहस में हिस्सा लेगा, लेकिन विरोध जारी रहेगा। उनकी मांगें इस प्रकार हैं:
- महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण दिया जाए
- इसे 2029 से लागू किया जाए
- परिसीमन 2026 की जनगणना के बाद किया जाए
- मौजूदा परिसीमन प्रावधानों में बदलाव हो

बदल जाएगा सीटों का गणित
इन विधेयकों के पास होने पर देश की राजनीति में बड़े बदलाव संभव हैं:
- लोकसभा में 33% महिला आरक्षण लागू होगा
- सीटों की संख्या बढ़ेगी
- लोकसभा और विधानसभाओं का पुनर्गठन होगा
- परिसीमन आयोग के गठन का रास्ता खुलेगा
खास सत्र से तय होगी राजनीतिक दिशा
16 से 18 अप्रैल तक चलने वाला संसद का यह विशेष सत्र न सिर्फ कानून निर्माण के लिए अहम है, बल्कि देश की राजनीतिक दिशा तय करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।







