Yogi In Basti: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बस्ती से समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिन लोगों ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, उन्होंने ही प्रदेश के धार्मिक स्थलों को विवादों में झोंकने का काम किया। उन्होंने कहा कि सपा के शासनकाल में भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए गए, हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाई गई और अयोध्या में ‘जय श्रीराम’ का उद्घोष करने वालों तक पर लाठी-गोली चलती थी।
डबल इंजन सरकार ने बदली प्रदेश की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने आस्था, सुरक्षा और विकास को साथ लेकर प्रदेश की तस्वीर बदली है। उन्होंने बस्ती में 504 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 77 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करते हुए विपक्ष पर कानून-व्यवस्था, शिक्षा, बिजली और विकास के मुद्दों पर भी जमकर निशाना साधा। बस्ती में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी आज आस्था की बातें कर रही है, जबकि उसका पूरा राजनीतिक इतिहास भगवान राम और सनातन आस्था का विरोध करने वाला रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यही वे लोग हैं जिन्होंने राम मंदिर निर्माण में सबसे बड़ी बाधाएं खड़ी कीं, भगवान राम के अस्तित्व पर प्रश्नचिह्न लगाए और रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामभक्तों पर गोली चलवाने वालों ने ही हर धर्मस्थल को विवादित बनाया।
Yogi In Basti: हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाई गई
उन्होंने आरोप लगाया कि कर्ण मंदिर विवाद को वर्षों तक लटकाए रखा गया, पवित्र हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाई गई और अयोध्या में ‘जय श्रीराम’ का उद्घोष करने वालों तक पर लाठीचार्ज और गोली चलवाई जाती थी। उन्होंने कहा कि यह आस्था का नहीं, बल्कि तुष्टिकरण की राजनीति का प्रतीक था। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्ष की सबसे बड़ी पीड़ा यह है कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर बन गया, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन गया और अयोध्या आज दुनिया के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने जहां माता शबरी के नाम पर श्रद्धालुओं के भोजन की व्यवस्था की, वहीं धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अब तक 1,500 से अधिक मंदिरों का पुनरोद्धार कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रदेश वही है, जनता वही है, लेकिन सरकार का चेहरा बदलते ही परिणाम भी बदल गए।
सपा ने नकल को व्यवस्था का हिस्सा बनाया
पहले सरकारी संसाधनों का उपयोग कब्रिस्तान के नाम पर होता था, जबकि आज वही धन सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण तथा विकास कार्यों पर खर्च किया जा रहा है। वक्फ और जमीन कब्जों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पहले गरीबों की जमीनों पर कब्जे होते थे और वक्फ के नाम पर लोगों को उजाड़ा जाता था। उन्होंने दावा किया कि बस्ती में समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान उसके जिला अध्यक्ष तक अपनी जमीन नहीं बचा पाए थे और भाजपा कार्यकर्ताओं के हस्तक्षेप के बाद कब्जा हटाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था के मोर्चे पर भी प्रदेश की तस्वीर बदली है। पहले दंगे होते थे, बेटियां असुरक्षित रहती थीं और अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ था। आज अपराधियों में कानून का भय है और महिलाओं की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बस्ती में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष थे, उनके घर के पास कब्रिस्तान के नाम पर जबरदस्ती कब्जा हो रहा था…
एक दिन मेरे पास आए और कहने लगे कि लखनऊ में बैठे लोगों को केवल कब्रिस्तान दिखाई देता है, हम जैसे लोग नहीं दिखाई देते।
उस समय हमने कार्यकर्ताओं को भेजा और कब्रिस्तान के नाम… pic.twitter.com/EqWKUcwmWk
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) July 10, 2026
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने नकल को व्यवस्था का हिस्सा बना दिया था, जिससे युवाओं के भविष्य पर संकट खड़ा हो गया। अब मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के माध्यम से बच्चों को कक्षा 12 तक गुणवत्तापूर्ण और निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। योगी ने कहा कि कभी प्रदेश बिजली संकट से जूझता था और बस्ती में लोग बिजली के तारों पर कपड़े सुखाने को मजबूर थे। आज प्रदेश में पर्याप्त बिजली उपलब्ध है और गांव से लेकर शहर तक बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हुआ है।
मुख्यमंत्री ने 84 कोसी परिक्रमा का उल्लेख करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार इस परिक्रमा को रोकती थी, जबकि डबल इंजन सरकार न केवल इसे निर्बाध संपन्न करा रही है, बल्कि मखौड़ा धाम से अयोध्या तक पूरे परिक्रमा मार्ग का विकास भी कर रही है, जिससे धार्मिक पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों को नई गति मिलेगी।








