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जल संकट से निपटने को महाराष्ट्र का बड़ा कदम, गांवों में होगा ‘वॉटर 7/12’ जल ऑडिट

MAHARASTRA NEWS: बढ़ते जल संकट से निपटने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने पहली बार गांवों में ‘वॉटर 7/12’ नाम से व्यापक जल ऑडिट प्रणाली लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसे देश की पहली राज्यव्यापी जल सूची और जल ऑडिट पहल माना जा रहा है, जिसके माध्यम से जल संसाधनों का वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा।

पायलट प्रोजेक्ट के रूप में होगी शुरुआत

इस परियोजना को शुरुआती चरण में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। इस संबंध में मुंबई में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक में राजस्व, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता तथा ग्रामीण विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ डिजिटल वॉटर बैंक एक्वेरियम (AqVerium) के संस्थापक सुब्रमण्य कुसनूर भी मौजूद रहे।

MAHARASTRA NEWS: जल भंडार और उपयोग का होगा वैज्ञानिक आकलन

नई व्यवस्था के तहत गांवों में उपलब्ध जल भंडार, वर्षा, बोरवेल और अन्य जल स्रोतों का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। साथ ही पानी के अत्यधिक उपयोग और बर्बादी की पहचान कर उसके प्रबंधन की रणनीति बनाई जाएगी।

‘वॉटर क्रेडिट’ की भी होगी व्यवस्था

सरकार कार्बन क्रेडिट की तर्ज पर कारोबार योग्य ‘वॉटर क्रेडिट’ प्रणाली विकसित करने की भी तैयारी कर रही है। इसका उद्देश्य जल संरक्षण को प्रोत्साहित करना और पानी के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देना है।

MAHARASTRA NEWS: जलयुक्त शिवार अभियान से होगा समन्वय

इस नई पहल को राज्य सरकार की प्रमुख ‘जलयुक्त शिवार’ योजना से भी जोड़ा जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे जल संरक्षण परियोजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट कम करने में मदद मिलेगी।

वित्तीय ऑडिट की तर्ज पर होगा जल ऑडिट

सरकार के अनुसार, जल ऑडिट उसी प्रकार किया जाएगा जैसे वित्तीय ऑडिट होता है। इसके आधार पर प्रत्येक क्षेत्र की जल उपलब्धता और जल कमी की बैलेंस शीट तैयार होगी, जिससे भविष्य की जल प्रबंधन योजनाएं अधिक प्रभावी ढंग से बनाई जा सकेंगी।

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