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‘370 रुपये बिरयानी’ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा, महाराष्ट्र के बाद अब गुरुग्राम में भी FIR दर्ज

370 रुपये बिरयानी विवाद: महाराष्ट्र के बाद अब गुरुग्राम में भी FIR दर्ज

370 Biryani Controversy: ‘370 रुपये की बिरयानी’ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित नहीं रहा। लगातार हो रही आलोचनाओं के बाद यह मामला अब कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गया है। पहले महाराष्ट्र में FIR दर्ज की गई थी और अब गुरुग्राम में भी एक नया पुलिस केस दर्ज किया गया है। इसमें स्टैंड-अप कॉमेडियन प्रणित मोरे और टेक प्रोफेशनल हिमांशु जांगड़ा दोनों को आरोपी बनाया गया है। वीडियो वायरल होने के बाद से दोनों लगातार ट्रोलिंग और सवालों का सामना कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि इस विवाद ने महिलाओं के खिलाफ सोच और कॉमेडी की सीमा पर बड़ी बहस शुरू कर दी है।

गुरुग्राम में नया केस दर्ज, कई धाराओं में कार्रवाई

नेशनल कमीशन फॉर विमेन (NCW) की शिकायत के आधार पर गुरुग्राम पुलिस ने यह FIR दर्ज की है। इसमें प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने दोनों को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा है और साथ ही संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से वीडियो हटाने के निर्देश भी दिए हैं।

यह मामला IT एक्ट की धारा 67 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 294, 353(3), 75(2) और 75(3) के तहत दर्ज किया गया है। पूरी जांच पुलिस कमिश्नर की निगरानी में की जा रही है।

370 Biryani Controversy: महाराष्ट्र के बाद अब गुरुग्राम में भी FIR दर्ज
370 रुपये बिरयानी विवाद: महाराष्ट्र के बाद अब गुरुग्राम में भी FIR दर्ज

370 Biryani Controversy: पूरा विवाद कैसे शुरू हुआ?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब गुरुग्राम में एक शो के दौरान दर्शक में मौजूद हिमांशु जांगड़ा ने बताया कि उन्होंने एक डेट के दौरान चिकन बिरयानी पर 370 रुपये खर्च किए थे। इसके बाद उन्होंने यह भी कहा कि जब महिला ने उन्हें घर छोड़ने के लिए कहा, तो उन्होंने बदले में शारीरिक संबंध बनाने की मांग रखी।

इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर काफी गुस्सा देखने को मिला। लोगों ने इसे महिलाओं पर दबाव बनाने और बिना सहमति वाले व्यवहार को सामान्य दिखाने की कोशिश बताया। आलोचकों ने यह भी कहा कि प्रणित मोरे ने इस बातचीत पर हंसकर प्रतिक्रिया दी और बाद में वीडियो को ऑनलाइन शेयर किया, जिससे मामला और बढ़ गया।

महाराष्ट्र में पहले से दर्ज हो चुका है केस

इससे पहले महाराष्ट्र साइबर सेल भी इसी मामले में प्रणित मोरे और हिमांशु जांगड़ा के खिलाफ FIR दर्ज कर चुका है। यानी यह पहला मामला नहीं है, पहले ही कानूनी प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी।नेशनल कमीशन फॉर विमेन ने इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप किया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से कार्रवाई की मांग की। आयोग का कहना है कि इस तरह की टिप्पणियां जबरन व्यवहार को बढ़ावा देती हैं और सहमति (consent) के महत्व को कमजोर करती हैं।

‘370 रुपये की बिरयानी’ विवाद अब सिर्फ एक वायरल वीडियो या सोशल मीडिया बहस नहीं रहा, बल्कि यह एक गंभीर कानूनी मामला बन चुका है जिसमें कई धाराओं के तहत जांच चल रही है।